मंत्री नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर विकास की नई ऊँचाइयाँ छुईं।
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष 2025 के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव के दौरान मंत्री श्री नेताम ने प्रदेश की 25 वर्षों की विकास यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि,
“छत्तीसगढ़ ने दो दशकों में विकास की विभिन्न ऊँचाइयों को छुआ है। आज राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में अग्रणी बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि राज्य की यह यात्रा केवल आँकड़ों की नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आई सकारात्मक परिवर्तन की कहानी है।
🌾 राज्य निर्माण से अब तक विकास की सशक्त गाथा
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि 2000 में राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने तेजी से बुनियादी ढाँचा, सड़क, सिंचाई, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में कार्य किया।
आज राज्य के ग्रामीण इलाकों तक सड़कें पहुँच चुकी हैं, हर गाँव में बिजली है और किसान तकनीक के सहारे उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
“राज्य की विकास यात्रा में हर नागरिक की भूमिका रही है। यही जनसहभागिता छत्तीसगढ़ की असली ताकत है।” — मंत्री श्री नेताम
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश ने पारदर्शिता, सुशासन और जनकल्याण के सिद्धांतों पर आधारित शासन व्यवस्था स्थापित की है।
🏛️ शासन की पारदर्शिता और जनहितकारी नीतियाँ बनीं मिसाल
मंत्री ने बताया कि बीते वर्षों में राज्य सरकार ने ऐसी योजनाएँ लागू कीं जिन्होंने आम जनता के जीवन को सीधे प्रभावित किया —
- गोधन न्याय योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिली,
- मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाईं,
- राजीव गांधी किसान न्याय योजना ने किसानों की आय को सशक्त बनाया।
“हमारा उद्देश्य विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना है। यही छत्तीसगढ़ की सफलता का मूल मंत्र है।”
🌱 कृषि और ग्रामीण विकास में नए कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ को देश का धान का कटोरा कहा जाता है, और इस पहचान को और मजबूत करते हुए राज्य ने कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
मंत्री नेताम ने बताया कि किसानों को आधुनिक तकनीक, बीज और सिंचाई की सुविधाएँ देकर राज्य ने उत्पादन में 30% की वृद्धि दर्ज की है।
उन्होंने कहा —
“हम केवल अन्नदाता को सम्मान नहीं दे रहे, बल्कि उसे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।”
🩺 स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर भी जोर
मंत्री श्री नेताम ने बताया कि राज्य सरकार ने बीते वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना और दूरस्थ स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना से आम जनता को बड़ी राहत मिली है।
शिक्षा के क्षेत्र में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय योजना ने ग्रामीण बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के द्वार खोले हैं।
“महतारी सशक्तिकरण अभियान ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है। अब हर क्षेत्र में बेटियाँ आगे बढ़ रही हैं।”
🏗️ बुनियादी ढाँचे और उद्योग क्षेत्र में हुआ विस्तार
मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है।
नवा रायपुर स्मार्ट सिटी देश के आधुनिक नगरों में शुमार है और राज्य के कई औद्योगिक क्षेत्र निवेशकों के आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं।
उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक नीति और ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस में सुधार के चलते राज्य में रोजगार के अवसरों में तेजी से वृद्धि हुई है।
🎭 संस्कृति और परंपरा बनी पहचान
मंत्री ने कहा कि विकास के साथ छत्तीसगढ़ ने अपनी संस्कृति, बोली और परंपरा को भी सहेजा है।
राज्योत्सव जैसे आयोजन राज्य की सांस्कृतिक विविधता और एकता का प्रतीक हैं।
बस्तर, सरगुजा और रायगढ़ की कला, लोकनृत्य और संगीत ने छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाई है।
“हम आधुनिकता के साथ परंपरा को जोड़कर आगे बढ़ रहे हैं। यही छत्तीसगढ़ की सुंदरता और शक्ति है।” — श्री नेताम
💧 जल, वन और भूमि संरक्षण — सतत विकास की दिशा
राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में भी कई कदम उठाए हैं।
“नदी पुनर्जीवन योजना”, “जलग्राम मिशन” और “हरित छत्तीसगढ़ अभियान” जैसी पहलों से जलस्तर में सुधार और हरित आवरण में वृद्धि हुई है।
मंत्री ने कहा कि “विकास का अर्थ तभी सार्थक है जब वह प्रकृति के साथ संतुलन बनाए।”
👩💼 युवाओं और उद्यमियों के लिए नए अवसर
राज्य में युवाओं के कौशल विकास के लिए मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना चलाई जा रही है।
मंत्री ने बताया कि राज्य के युवा अब स्टार्टअप्स और स्व-रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के विचारों और नवाचारों को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष योजनाएँ ला रही है।
🕊️ छत्तीसगढ़ की रजत जयंती — गर्व, आभार और संकल्प का पर्व
मंत्री श्री नेताम ने कहा कि 25 वर्षों की यह यात्रा गर्व, आभार और संकल्प का अवसर है।
राज्य ने जहाँ अपने अतीत से प्रेरणा ली है, वहीं भविष्य के लिए नए लक्ष्य भी तय किए हैं।
“छत्तीसगढ़ अब आत्मनिर्भरता, स्वाभिमान और समृद्धि की दिशा में अग्रसर है। आने वाले वर्षों में यह देश के अग्रणी राज्यों में बना रहेगा।”
🌈 जनभागीदारी से बनेगा ‘नया छत्तीसगढ़’
अंत में मंत्री नेताम ने कहा कि राज्य के विकास की असली ताकत जनता है।
उनके सहयोग, मेहनत और विश्वास ने छत्तीसगढ़ को आज इस मुकाम पर पहुँचाया है।
उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे राज्य के भविष्य निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ।






