रायपुर में दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं, सम्मानजनक भाषा और दिव्यांगजन के सशक्तिकरण पर जोर दिया।
रायपुर। रायपुर में आयोजित दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन में राज्य की मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े विशेष रूप से शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक स्वीकार्यता पर जोर देते हुए कहा कि समाज को “विकलांग” नहीं बल्कि “दिव्यांगजन” शब्द का प्रयोग करना चाहिए, जिससे उनके आत्मसम्मान को बल मिले।
सम्मेलन का उद्देश्य दिव्यांग युवक–युवतियों को सामाजिक मंच प्रदान करना, उनके बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांग युवक–युवतियां, उनके परिजन, सामाजिक संगठन और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सम्मानजनक भाषा से बदलती सोच
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने संबोधन में कहा कि शब्दों का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है। “दिव्यांगजन” शब्द उनके सामर्थ्य, आत्मबल और विशेष क्षमताओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दिव्यांगजन को दया की दृष्टि से नहीं, बल्कि समान अधिकार और अवसर के साथ देखा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांगजन समाज की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी शक्ति हैं, जिन्हें सही अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
परिचय सम्मेलन से मिलेगा आत्मविश्वास
इस परिचय सम्मेलन में दिव्यांग युवक–युवतियों ने अपने विचार, रुचियां और जीवन लक्ष्य साझा किए। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा और सामाजिक संवाद को नया आयाम मिला। कई परिवारों ने इस पहल को सकारात्मक और उपयोगी बताया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे सम्मेलन दिव्यांगजनों के सामाजिक एकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उनकी प्रतिभा को सामने लाने का अवसर देते हैं।
सरकार की योजनाओं की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों के लिए संचालित सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी गई। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों की शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के लिए लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ पात्र दिव्यांगजनों तक समय पर पहुंचे और किसी भी स्तर पर भेदभाव न हो।
समाज से सहयोग की अपील
मंत्री ने समाज से अपील की कि दिव्यांगजनों को समान अवसर दें, उनकी क्षमताओं को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि समावेशी सोच ही एक सशक्त और संवेदनशील समाज का निर्माण करती है।
सकारात्मक संदेश के साथ कार्यक्रम संपन्न
दिव्यांग युवक–युवती परिचय सम्मेलन सकारात्मक संदेश और प्रेरणादायी वातावरण के साथ संपन्न हुआ। उपस्थित दिव्यांगजनों और उनके परिजनों ने मंत्री के विचारों की सराहना की और इस तरह के आयोजनों को निरंतर आयोजित करने की मांग की।










