रायपुर। छत्तीसगढ़ में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने जल संरक्षण और ई-केवाईसी कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंचाने और जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने के लिए गंभीरता से कार्य किया जाए।
सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम को देखते हुए जल संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है और सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल बचत को लेकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गांव-गांव में जल संरक्षण अभियान चलाकर लोगों को पानी के महत्व के बारे में जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए अभी से प्रभावी कदम उठाना जरूरी है। तालाबों, कुओं और अन्य जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान ई-केवाईसी प्रक्रिया की समीक्षा करते हुए श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पात्र हितग्राहियों की ई-केवाईसी प्रक्रिया तय समयसीमा में पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि कई सरकारी योजनाओं का लाभ ई-केवाईसी से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित कर लोगों की ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को विशेष सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि जल संरक्षण और ई-केवाईसी कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए विभिन्न स्तरों पर अभियान चलाए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जानकारी दी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने भी जल संरक्षण और ई-केवाईसी को लेकर सरकार की पहल की सराहना की। लोगों का कहना है कि पानी बचाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के अभियान जरूरी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि जल संरक्षण और डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत करने से प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकती है। इससे लोगों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलेगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।








