रूस ने गुरुवार सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से भीषण हवाई हमला किया, जिसे अधिकारियों ने पिछले चार सालों में सबसे लंबे और सबसे तीव्र हमलों में से एक बताया। इस हमले से पूरे शहर में जोरदार धमाके गूँज उठे और यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणालियों ने आने वाले खतरों को रोकने के लिए आसमान में फायरिंग की। कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने निवासियों को लगातार हो रहे हमलों के मद्देनजर सतर्क रहने की चेतावनी दी। यह हमला बुधवार को हुए एक और बड़े रूसी बमबारी के बाद हुआ है, जिसमें राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के अनुसार, रूस ने 20 यूक्रेनी क्षेत्रों में कम से कम 800 ड्रोन दागे थे, जिससे छह लोगों की मौत हुई और दर्जनों घायल हुए थे, जिनमें बच्चे भी शामिल थे।
कीव पर नवीनतम हमला
गुरुवार को हुए इस हमले के दौरान, कीव में एक एएफपी पत्रकार ने कई जोरदार धमाके सुनने और वायु रक्षा प्रणालियों को आसमान में लक्ष्यों को भेदते हुए देखने की जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इंटरसेप्टेड ड्रोन का मलबा ओबोलोन्स्की जिले में गिरा, जिससे कुछ नुकसान हुआ। मेयर क्लिट्स्को ने बाद में जानकारी दी कि एक पांच मंजिला आवासीय भवन क्षतिग्रस्त हो गया, एक कार पार्क में वाहन में आग लग गई और एक गैर-आवासीय संरचना भी मलबे की चपेट में आ गई। यह हमला तब हुआ जब यूक्रेन अपने शहरों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचों को रूसी हवाई हमलों से बचाने के लिए पश्चिमी सहयोगियों से अधिक उन्नत वायु रक्षा प्रणालियों की मांग कर रहा है। रूस की रणनीति यूक्रेन की वायु रक्षा को भारी संख्या में ड्रोन और मिसाइलों से overwhelming करने की प्रतीत होती है, ताकि बाद में क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के लिए रास्ता बनाया जा सके।
बुधवार के भीषण हमले की भयावहता
बुधवार को हुए हमले की भयावहता भी कम नहीं थी। राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने बताया कि घंटों तक चली इस बमबारी में 800 से अधिक ड्रोन दागे गए, जिसका निशाना कीव, पोलिश सीमा के पास पश्चिमी शहर लविव, और काला सागर बंदरगाह ओडेसा सहित अन्य क्षेत्र थे। इस हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई थी और दर्जनों अन्य, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, घायल हुए थे। यह युद्ध की शुरुआत से रूस द्वारा किए गए सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक था, जो यूक्रेन की हवाई रक्षा क्षमताओं की परीक्षा ले रहा था। इसके अतिरिक्त, कीव के पश्चिम में रिवने क्षेत्र में रात भर चले ड्रोन हमले में क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे इस सप्ताह के हवाई हमलों में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर नौ हो गई। रूस का स्पष्ट लक्ष्य यूक्रेन की वायु रक्षा को कमजोर करना और संभावित रूप से बाद में क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के लिए मार्ग प्रशस्त करना है।
रूस की रणनीति और यूक्रेन की चुनौतियाँ
रूस की यह रणनीति, जिसमें ड्रोन और मिसाइलों के एक साथ बड़े पैमाने पर उपयोग शामिल है, यूक्रेन के लिए गंभीर चुनौतियाँ पेश करती है। कम लागत वाले ड्रोन का उपयोग करके महंगे हवाई रक्षा मिसाइलों को थकाना और फिर अधिक विनाशकारी मिसाइलों से हमला करना, रूस की एक सोची-समझी रणनीति है। यूक्रेन को अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार पश्चिमी देशों से सहायता की आवश्यकता है, जिसमें पैट्रियट जैसे उन्नत सिस्टम शामिल हैं। हालांकि, पश्चिमी देशों से हथियारों की आपूर्ति में देरी और गतिरोध ने यूक्रेन की रक्षा क्षमताओं को प्रभावित किया है, जिससे उसे ऐसे बड़े हमलों का सामना करने में अधिक कठिनाई हो रही है। इन हमलों का उद्देश्य केवल सैन्य लक्ष्यों को भेदना नहीं है, बल्कि नागरिकों के मनोबल को तोड़ना और यूक्रेन के बुनियादी ढाँचे को भी व्यापक नुकसान पहुँचाना है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की राह
इन भीषण हमलों के बाद अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में चिंताएँ बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र और कई पश्चिमी देशों ने इन हमलों की निंदा की है और यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। पश्चिमी देशों से यूक्रेन को और अधिक सैन्य और वित्तीय सहायता प्रदान करने का दबाव बढ़ रहा है, ताकि वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत कर सके और रूसी आक्रामकता का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके। यूक्रेन लगातार अपने सहयोगियों से आधुनिक लड़ाकू जेट और उन्नत हवाई रक्षा प्रणाली की आपूर्ति तेज करने का आग्रह कर रहा है। यह युद्ध, जो 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद से जारी है, एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है, जहाँ दोनों पक्ष रणनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। शांति की संभावनाएँ अभी भी दूर दिख रही हैं, क्योंकि रूस अपने सैन्य अभियानों को जारी रखे हुए है, और यूक्रेन अपने संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्पित है।










