तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सोमवार को मतगणना शुरू हुई, जिसमें शुरुआती रुझानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कझगम (DMK) गठबंधन जहां बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे चल रहा है, वहीं अभिनेता से राजनेता बने विजय की नवगठित पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने अप्रत्याशित रूप से 84 सीटों पर बढ़त बनाकर सभी को चौंका दिया है। सुबह 8 बजे शुरू हुई मतगणना में, ये शुरुआती आंकड़े राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण की ओर इशारा कर रहे हैं, जो कई एग्जिट पोल्स की भविष्यवाणियों से बिल्कुल अलग हैं और संभावित रूप से त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति पैदा कर सकते हैं।
शुरुआती रुझान और चौंकाने वाले आंकड़े
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को हुए मतदान के बाद सोमवार को सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई। शुरुआती घंटों के रुझानों के अनुसार, सुबह 10:10 बजे तक, DMK गठबंधन केवल 54 सीटों पर आगे चल रहा था। इसके विपरीत, अभिनेता विजय द्वारा स्थापित तमिलगा वेट्री कझगम (TVK), जो अपना पहला विधानसभा चुनाव लड़ रही है, ने 84 सीटों पर निर्णायक बढ़त बना ली है। यह प्रदर्शन न केवल पार्टी के लिए बल्कि राज्य की राजनीति के लिए भी एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि एक नवोदित दल ने इतनी जल्दी इतना मजबूत प्रभाव डाला है। यह आंकड़ा कई राजनीतिक विश्लेषकों और सर्वेक्षण एजेंसियों के लिए आश्चर्यजनक है, जिन्होंने DMK के सत्ता में बने रहने की भविष्यवाणी की थी। TVK का यह प्रदर्शन अभिनेता विजय की व्यापक लोकप्रियता को दर्शाता है और यह भी कि मतदाता मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य से हटकर एक नए विकल्प की तलाश में थे।
प्रमुख पार्टियों की स्थिति
शुरुआती रुझानों में DMK और TVK के अलावा, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के गठबंधन वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। NDA गठबंधन 77 सीटों पर आगे चल रहा है, जिससे राज्य में एक त्रिशंकु विधानसभा की संभावना और प्रबल हो गई है। तमिलनाडु विधानसभा में सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 118 सीटें है, और मौजूदा रुझानों के आधार पर, कोई भी पार्टी या गठबंधन अकेले इस आंकड़े तक पहुंचता नहीं दिख रहा है। यह स्थिति संभावित रूप से गठबंधन की राजनीति और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बना सकती है, जिससे सरकार गठन में जटिलताएँ आ सकती हैं। 23 अप्रैल को हुए मतदान में 85.1% का उच्च मतदान प्रतिशत दर्ज किया गया था, जो मतदाताओं के उत्साह और बदलाव की इच्छा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
एग्जिट पोल बनाम जमीनी हकीकत
मतगणना से पहले जारी किए गए अधिकांश एग्जिट पोल्स ने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाले DMK गठबंधन के लिए सत्ता बरकरार रखने का अनुमान लगाया था। हालांकि, एक प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसी, एक्सिस माई इंडिया ने अपनी भविष्यवाणी में कहा था कि तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। यह विशेष भविष्यवाणी अब शुरुआती रुझानों के साथ काफी हद तक मेल खाती दिख रही है, जो एग्जिट पोल्स की सटीकता पर भी बहस छेड़ रही है। विजय की पार्टी का यह मजबूत प्रदर्शन तमिलनाडु की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है, जहां AIADMK और DMK दशकों से हावी रही हैं। अभिनेता के रूप में विजय की लोकप्रियता ने उनकी राजनीतिक पारी को एक मजबूत शुरुआत दी है, जो विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदान करने वाले मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल रही है।
पिछली बार का जनादेश और आगे की राह
2021 के विधानसभा चुनावों में, DMK के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 159 सीटें जीतकर AIADMK के दस साल के शासन को समाप्त कर दिया था। उस चुनाव में एम.के. स्टालिन मुख्यमंत्री बने थे। वहीं, NDA गठबंधन, जिसमें AIADMK और BJP शामिल थे, ने 75 सीटें जीती थीं। इस बार, शुरुआती रुझान 2021 के नतीजों से काफी अलग दिख रहे हैं और यह दर्शाता है कि मतदाता इस बार एक नया विकल्प तलाश रहे थे, जो उन्हें TVK के रूप में मिला। यदि TVK इन रुझानों को अंतिम परिणामों में बदलने में सफल रहती है, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी। आगामी घंटों में जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ेगी, राज्य की राजनीतिक तस्वीर और स्पष्ट होती जाएगी, लेकिन यह तय है कि इस बार का चुनाव अप्रत्याशित और बेहद रोमांचक होने वाला है।











