मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति को नई पहचान, गौरव और वैश्विक सम्मान मिला है।
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सनातन संस्कृति को नया गौरव और वैश्विक पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और परंपराओं को संरक्षित एवं सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक पहचान को विश्व मंच पर मजबूती के साथ प्रस्तुत कर रहा है, जिससे देशवासियों में गर्व और आत्मविश्वास की भावना बढ़ी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देशभर में धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों का विकास तेज गति से हुआ है। प्राचीन मंदिरों के संरक्षण, तीर्थ स्थलों के पुनर्विकास तथा भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल धार्मिक आस्था मजबूत हुई है, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक समृद्ध परंपरा है, जो मानवता, सेवा, सहिष्णुता और विश्व बंधुत्व का संदेश देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने हमेशा “वसुधैव कुटुम्बकम” की भावना को बढ़ावा दिया है और आज विश्व भी भारतीय जीवन मूल्यों की ओर आकर्षित हो रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के प्रयासों से देश की सांस्कृतिक धरोहरों को नई पहचान मिली है। धार्मिक आयोजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विरासत संरक्षण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों के संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत अपनी सांस्कृतिक समृद्धि और आध्यात्मिक विरासत के दम पर विश्व में और अधिक प्रतिष्ठा हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि यह समय भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण का है और हर नागरिक को इसमें सहभागी बनना चाहिए।








