रायपुर में विजयादशमी पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रावण दहन में शामिल होकर कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रायपुर। देशभर में विजयादशमी का पर्व पूरे हर्ष और उत्साह के साथ मनाया गया। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी इस अवसर पर अनेक सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन हुए। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विजयादशमी के मौके पर जनता को शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रावण दहन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति
राजधानी रायपुर स्थित विभिन्न स्थलों पर रावण दहन का आयोजन किया गया। हजारों लोग इस भव्य आयोजन के गवाह बने। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी मुख्य समारोह में शिरकत की और रावण दहन देखने पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी हमें यह सिखाती है कि चाहे बुराई कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः अच्छाई और न्याय की ही जीत होती है।
विजयादशमी का महत्व
दशहरा पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की रक्षा की थी। यह पर्व सत्य, साहस और नैतिक मूल्यों को समाज में स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज को जरूरत है कि वह बुराइयों, भ्रष्टाचार, हिंसा और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा हो। विजयादशमी का संदेश हर नागरिक के जीवन में प्रासंगिक है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और उत्सव का माहौल
राजधानी सहित राज्यभर में दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया। जगह-जगह झांकी, रामलीला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित हुईं। बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान का अभिनय किया।
विशेष आकर्षण रावण दहन रहा, जहां आतिशबाजी और रोशनी के बीच आसमान गूंज उठा। परिवारों और बच्चों ने उल्लासपूर्वक इस आयोजन का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पर्व हमें जीवन में सकारात्मकता, धैर्य और संघर्षशीलता का भाव सिखाता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सामाजिक बुराइयों को त्यागकर भाईचारे और सद्भावना के मार्ग पर चलें।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास और सुशासन के जरिए जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। विजयादशमी का यह अवसर हमें ईमानदारी और सेवा भाव से काम करने की प्रेरणा देता है।
प्रशासनिक सुरक्षा और व्यवस्था
रायपुर सहित प्रदेशभर में दशहरा पर्व को लेकर प्रशासन ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था की थी। भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने भी आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध रखीं ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
विजयादशमी और सामाजिक संदेश
मुख्यमंत्री ने विजयादशमी के अवसर पर सामाजिक बुराइयों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया, उसी प्रकार हमें समाज में फैली नशाखोरी, अंधविश्वास और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को समाप्त करना होगा।
उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे इस पर्व को केवल उत्सव न मानें, बल्कि जीवन में अच्छाई और अनुशासन का संकल्प लें।
जनता की भागीदारी
राजधानी रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित अन्य जिलों में भी दशहरा पर्व भव्य रूप से मनाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने रामलीला और रावण दहन कार्यक्रमों में भाग लिया।
नागरिकों ने कहा कि विजयादशमी केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक जागृति का पर्व भी है। यह हमें एकजुट होकर बुराइयों को हराने की प्रेरणा देता है।
निष्कर्ष
विजयादशमी का पर्व छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में उमंग और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संदेश में इसे अधर्म पर धर्म की जीत बताया और समाज को प्रेरित किया कि वह बुराइयों को त्यागकर सत्य और अच्छाई के मार्ग पर चले। यह पर्व आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आदर्श है, जो हर वर्ष हमें न्याय और धर्म की शक्ति की याद दिलाता है।






