रायपुर में 21 दिसंबर से तीन दिवसीय पोलियो अभियान शुरू होगा, जिसमें शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जाएंगी।
रायपुर। पोलियो उन्मूलन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए रायपुर जिले में 21 दिसंबर से सघन पोलियो अभियान की शुरुआत की जाएगी। यह अभियान लगातार तीन दिनों तक चलेगा, जिसके तहत शून्य से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य जिले के एक भी बच्चे को पोलियो खुराक से वंचित न रखना है। इसके लिए शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाएंगी।
घर-घर पहुंचेंगी टीमें
अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्वयंसेवक मिलकर डोर-टू-डोर अभियान चलाएंगे। इसके अलावा बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, हाट-बाजार और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में ट्रांजिट बूथ भी लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने-जाने वाले बच्चों को भी दवा पिलाई जा सके।
प्रशासन की कड़ी निगरानी
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की सतत निगरानी की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी फील्ड में रहकर अभियान की प्रगति का जायजा लेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के लिए माइक्रोप्लानिंग के आधार पर कार्य किया जा रहा है।
अभिभावकों से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अभियान के दौरान अपने बच्चों को पोलियो की खुराक जरूर पिलाएं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पोलियो ड्रॉप्स पूरी तरह सुरक्षित हैं और बच्चों को आजीवन पोलियो से सुरक्षा प्रदान करती हैं।
प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती
अभियान के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती की गई है। इन्हें पहले से प्रशिक्षण देकर फील्ड में भेजा जा रहा है, ताकि टीकाकरण प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
पोलियो मुक्त भारत की दिशा में प्रयास
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो मुक्त भारत का दर्जा बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों का निरंतर आयोजन जरूरी है। पड़ोसी देशों में पोलियो के मामलों को देखते हुए सतर्कता बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
जागरूकता अभियान भी जारी
पोलियो अभियान के साथ-साथ जागरूकता गतिविधियां भी चलाई जा रही हैं। लाउडस्पीकर, पोस्टर और जनसंपर्क के माध्यम से लोगों को अभियान की जानकारी दी जा रही है, ताकि कोई भी बच्चा छूट न जाए।
रायपुर जिले में तीन दिवसीय यह अभियान पोलियो उन्मूलन की दिशा में एक निर्णायक प्रयास माना जा रहा है।










