उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रायपुर में कहा कि समाज के हर व्यक्ति के सुख-दुख में शामिल होना जरूरी है, ताकि कोई भी खुद को अकेला महसूस न करे।
रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने कहा है कि समाज की मजबूती तभी संभव है जब उसके हर व्यक्ति के सुख-दुख में सहभागिता हो और कोई भी व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस न करे। उन्होंने यह विचार रायपुर में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
श्री अरुण साव ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और व्यस्तता के कारण सामाजिक रिश्तों में दूरी बढ़ रही है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमें फिर से आपसी संवाद, सहयोग और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत करना होगा। समाज तभी आगे बढ़ेगा जब हर व्यक्ति एक-दूसरे के साथ खड़ा रहेगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंदों का ध्यान रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की पहचान उसके मानवीय मूल्यों से होती है। यदि कोई व्यक्ति दुख में अकेला है, तो यह पूरे समाज की विफलता है।
श्री साव ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि वे सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग में ऊर्जा और सोच होती है, जिसका उपयोग समाज को जोड़ने और सकारात्मक बदलाव लाने में किया जाना चाहिए। उन्होंने स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका की भी सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान श्री अरुण साव ने विभिन्न सामाजिक कार्यों में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं और दूसरों को भी सेवा भाव से कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य केवल विकास नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुख, सुरक्षा और सम्मान पहुंचाना है। इसके लिए सरकार के साथ-साथ समाज की सक्रिय भागीदारी भी आवश्यक है।
कार्यक्रम के अंत में श्री अरुण साव ने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने का आग्रह किया कि वे अपने आसपास के लोगों के प्रति संवेदनशील रहेंगे और किसी को भी अकेला महसूस नहीं होने देंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे प्रयासों से एक मजबूत, संवेदनशील और समरस समाज का निर्माण संभव है।










