महिला समूह ने 12 हजार पौधों का संरक्षण किया, वूमेन फॉर ट्री योजना की समीक्षा में पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।
भिलाईनगर। पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल के तहत भिलाईनगर में महिला समूह द्वारा लगभग 12 हजार पौधों का संरक्षण किया जा रहा है। ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना के अंतर्गत संचालित इस अभियान की हाल ही में समीक्षा की गई, जिसमें योजना की प्रगति, चुनौतियों और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस योजना के तहत महिला समूहों ने विभिन्न क्षेत्रों में फलदार, छायादार और औषधीय पौधे रोपे हैं और उनकी नियमित देखरेख सुनिश्चित कर रही हैं। पौधों की सिंचाई, सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा पूरी तरह से महिलाओं द्वारा निभाया जा रहा है, जिससे पौधों की जीवितता दर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। इन प्रयासों से न केवल क्षेत्र में हरियाली बढ़ी है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिली है।
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना का उद्देश्य महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए महिला समूहों को नर्सरी प्रबंधन, पौध उत्पादन और संरक्षण संबंधी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि वे स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकें।
महिला समूह की सदस्याओं ने बताया कि इस योजना ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्हें रोजगार के साथ-साथ समाज और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर मिला है। पौधों की देखभाल करना और उन्हें बढ़ते देखना उनके लिए गर्व और संतोष का विषय बन गया है।
अधिकारियों ने निर्देश दिए कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित मॉनिटरिंग जारी रखी जाए और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, अधिक से अधिक महिला समूहों को इस पहल से जोड़ने पर भी बल दिया गया।
भिलाईनगर में ‘वूमेन फॉर ट्री’ योजना एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है, जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।






