छत्तीसगढ़ में डिजिटल जनगणना 2026 शुरू, खरोरा के 15 वार्डों में प्रगणक घर-घर पहुंचकर जानकारी जुटा रहे, 30 मई तक पहला चरण पूरा होगा।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनगणना 2026 की प्रक्रिया नई डिजिटल व्यवस्था के साथ शुरू हो गई है। नगर पंचायत खरोरा के सभी 15 वार्डों में 1 मई से प्रगणक घर-घर पहुंचकर मकान और परिवारों की गणना कर रहे हैं। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जो इसे पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और सटीक बनाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, स्वगणना की प्रक्रिया 30 अप्रैल तक पूरी कर ली गई है। अब दूसरे चरण में प्रगणक स्वयं घर-घर जाकर डेटा संग्रहण कर रहे हैं। इस दौरान वे 33 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित कर रहे हैं, जिसमें मकान की स्थिति, परिवार के सदस्य, उपलब्ध सुविधाएं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़ी जानकारी शामिल है।
जनगणना निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि एकत्रित की जाने वाली सभी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सही और सटीक जानकारी प्रदान करें, ताकि इसके आधार पर विकास योजनाओं का बेहतर रोडमैप तैयार किया जा सके।
इस बार की जनगणना की खास बात यह है कि इसमें डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। इससे डेटा संग्रहण और विश्लेषण की प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सुधार आएगा।
प्रदेशभर में जनगणना के पहले चरण का कार्य 30 मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद प्राप्त आंकड़ों के आधार पर विभिन्न योजनाओं और नीतियों का निर्माण किया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी इस नई डिजिटल व्यवस्था का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे प्रक्रिया अधिक आसान और पारदर्शी होगी।
यह जनगणना छत्तीसगढ़ के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगी, जिससे शासन को योजनाएं बनाने और संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।










