मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट कर छत्तीसगढ़ के विकास, निवेश, और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति निवास में सौजन्य भेंट की।
यह मुलाकात छत्तीसगढ़ और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने उपराष्ट्रपति को राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं, औद्योगिक निवेश और ग्रामीण क्षेत्रों के उन्नयन से जुड़ी जानकारियाँ दीं। दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और खनिज संसाधन विकास पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
🏗️ विकास और निवेश पर केंद्रित चर्चा
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य को आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य में खनिज आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण, वन उत्पाद और पर्यटन क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं।
साय ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण सड़क नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे आम जनता को सुविधा मिलेगी।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने छत्तीसगढ़ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के विकास की दिशा में समग्र दृष्टिकोण और जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मुख्यमंत्री को केंद्र की योजनाओं के अधिकतम लाभ राज्य तक पहुँचाने का आश्वासन दिया।
🌿 छत्तीसगढ़ की प्राथमिकताएँ और योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति को बताया कि राज्य सरकार कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में नई पहल कर रही है।
- कृषि क्षेत्र में एग्रीस्टैक पंजीयन और किसानों को तकनीकी सहायता दी जा रही है।
- शिक्षा क्षेत्र में ग्रामीण स्कूलों के सशक्तिकरण और डिजिटल लर्निंग पर फोकस है।
- स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए ज़िला अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएँ जोड़ी जा रही हैं।
साय ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य में ग्रामीण परिवहन, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास के क्षेत्र में ठोस कार्य किया जा रहा है।
🇮🇳 राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक पहचान पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री और उपराष्ट्रपति ने मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता पर भी विचार साझा किए।
साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय संस्कृति, लोककला और पारंपरिक मूल्यों का विशेष स्थान है, जिन्हें संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि इस दिशा में छत्तीसगढ़ का योगदान देश के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक समृद्धि की प्रशंसा करते हुए जनजातीय क्षेत्रों के विकास और शिक्षा को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
🕊️ सौजन्य मुलाकात का उद्देश्य
यह मुलाकात पूरी तरह सौजन्य भेंट के रूप में हुई, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण नीतिगत और विकासात्मक विषयों पर चर्चा भी शामिल रही।
मुख्यमंत्री ने उपराष्ट्रपति को छत्तीसगढ़ में केंद्र की योजनाओं के सफल क्रियान्वयन की जानकारी दी और आगामी परियोजनाओं के लिए सहयोग का अनुरोध किया।
उपराष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में चल रहे जनकल्याणकारी कार्यक्रम देश के अन्य राज्यों के लिए उदाहरण हैं।
💬 मुख्यमंत्री साय का वक्तव्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा —
“उपराष्ट्रपति महोदय से मुलाकात बहुत प्रेरणादायक रही। हमने राज्य की विकास योजनाओं और सामाजिक कल्याण के प्रयासों पर सार्थक चर्चा की। केंद्र और राज्य का तालमेल ही वास्तविक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा।”
साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की तरह उपराष्ट्रपति का मार्गदर्शन भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण है।
🌎 छत्तीसगढ़ और केंद्र का मजबूत तालमेल
इस मुलाकात को राज्य और केंद्र के बीच मजबूत तालमेल का प्रतीक माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय की इस पहल से उम्मीद है कि राज्य को केंद्रीय योजनाओं और संसाधनों का अधिक लाभ मिलेगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक आने वाले दिनों में कई नई परियोजनाओं और निवेश प्रस्तावों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है।
🏁 निष्कर्ष
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से हुई मुलाकात ने छत्तीसगढ़ के विकास और सहयोग की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।
राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ जनहित, विकास और पारदर्शिता पर केंद्रित हैं — और इस बैठक ने इन लक्ष्यों को और सुदृढ़ करने का मार्ग दिखाया है।






