महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात कर महिला सशक्तिकरण, पोषण, बाल सुरक्षा और आंगनबाड़ी सेवाओं को लेकर चर्चा की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सोमवार को राज्यपाल श्री रमेन डेका से राजभवन में सौजन्य भेंट की।
यह भेंट न केवल औपचारिक थी, बल्कि इसमें महिला एवं बाल कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा भी की गई।
राज्यपाल और मंत्री के बीच हुई यह मुलाकात छत्तीसगढ़ में महिलाओं की सुरक्षा, पोषण सुधार, आंगनबाड़ी सेवाओं के विस्तार और बाल अधिकार संरक्षण की दिशा में नई पहल का संकेत मानी जा रही है।
🌿 महिला सशक्तिकरण और पोषण मिशन पर चर्चा
मुलाकात के दौरान मंत्री राजवाड़े ने राज्यपाल को बताया कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, पोषण मिशन और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को नई गति दे रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता के लिए स्व-सहायता समूहों और महिला उद्यमिता योजनाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।
राज्यपाल रमेन डेका ने इन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं की भागीदारी के बिना कोई भी समाज प्रगति नहीं कर सकता। उन्होंने मंत्रालय को ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में पोषण और शिक्षा योजनाओं की गहन मॉनिटरिंग करने की सलाह दी।
🧒 बाल विकास और सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में मंत्री राजवाड़े ने बाल विकास परियोजनाओं, जैसे आंगनबाड़ी, बाल कल्याण समिति और किशोरियों के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि राज्य में 52 हजार से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र सक्रिय हैं, जहां बच्चों और माताओं को पोषण आहार, स्वास्थ्य परीक्षण और प्रारंभिक शिक्षा की सुविधाएं दी जा रही हैं।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि बच्चों का समग्र विकास तभी संभव है जब उन्हें सुरक्षित, शिक्षित और पोषित वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि “आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण और प्रोत्साहन” इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
💪 स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने की पहल
राजवाड़े ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ग्रामीण इलाकों में महिला स्व-सहायता समूहों को स्वरोजगार और विपणन से जोड़ने पर जोर दे रहा है।
इसके तहत, विभाग द्वारा उत्पादों की बिक्री के लिए ‘मातृ शक्ति हाट’ और ई-मार्केट प्लेटफॉर्म की शुरुआत की जा रही है।
राज्यपाल डेका ने इस पहल को “महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम” बताते हुए कहा कि इससे न केवल महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, बल्कि समाज में समानता और सम्मान की भावना भी मजबूत होगी।
🌾 आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस
बैठक में मंत्री राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आदिवासी और दूरस्थ इलाकों में रहने वाली महिलाओं और बच्चों तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुँचाना है।
राज्यपाल ने इस दिशा में जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि महिला स्वास्थ्य, शिक्षा और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का निरंतर मूल्यांकन किया जाए, ताकि उनकी प्रभावशीलता बनी रहे।
📊 राज्यपाल ने दी प्रशंसा और मार्गदर्शन
राज्यपाल रमेन डेका ने मंत्री राजवाड़े के विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण में नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण अपना रही है।
उन्होंने कहा कि “राज्य की महिलाएं अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्धारण और विकास प्रक्रिया की सक्रिय भागीदार बन रही हैं।”
राज्यपाल ने इस अवसर पर ‘पोषण माहीना’ और ‘सुपोषित भारत अभियान’ जैसी योजनाओं की सफलता को और बढ़ाने के सुझाव दिए।
🏛️ मंत्री राजवाड़े की प्रतिक्रिया
भेंट के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा —
“राज्यपाल महोदय से मुलाकात अत्यंत प्रेरणादायक रही। हमने महिला और बाल कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। राज्यपाल ने हमारे प्रयासों को सराहा और आगे की दिशा में मूल्यवान मार्गदर्शन दिया।”
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए प्रतिबद्ध है।
🌸 महिलाओं के लिए नई योजनाओं का संकेत
मुलाकात के बाद यह भी संकेत मिले हैं कि आने वाले महीनों में महिला एवं बाल विकास विभाग नारी सुरक्षा और पोषण सुधार से जुड़ी नई योजनाएँ लॉन्च कर सकता है।
राज्यपाल ने आशा जताई कि ये पहलें राज्य को सशक्त और संवेदनशील समाज के निर्माण में मदद करेंगी।
🕊️ निष्कर्ष
राज्यपाल रमेन डेका और मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की यह मुलाकात छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के कल्याण की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
दोनों नेताओं की चर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएँ बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ग्रामीण स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है।






