रायपुर में मारुति फाउंडेशन ने अंतर-विद्यालय दिव्यांग प्रतियोगिता का आयोजन किया, बच्चों ने गायन, नृत्य, चित्रकला में प्रतिभा का प्रदर्शन कर दर्शकों को मोहित किया।
रायपुर | मेघा तिवारी की रिपोर्ट – मारुति फाउंडेशन हेरिटेज इंडिया ने श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, रायपुर ब्रांच 2 के सहयोग से एक अंतर-विद्यालय दिव्यांग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। यह कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा और रचनात्मकता को निखारने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
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प्रतियोगिता की शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ चैतन्य टेक्नो स्कूल प्रबंधक और मारुति हेरिटेज इंडिया फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा स्कोर परीक्षा के पैम्फलेट विमोचन के साथ हुआ। प्रतियोगिता में गायन, नृत्य और चित्रकला जैसी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।

बच्चों की भागीदारी और उत्साह
इस प्रतियोगिता में रायपुर के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों और झुग्गी-बस्ती के बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। अध्यक्ष मेघा तिवारी ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य समाज में अपनी प्रतिभा को उजागर करने में असमर्थ बच्चों को मंच प्रदान करना था।

मुख्य अतिथि और सहयोगी
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मेघा तिवारी, सतीश (सहायक एजीएम), कट्टा साई कुमार (क्षेत्रीय प्रभारी), नरमदा पांडा (प्राचार्य) और अन्य सदस्य उपस्थित रहे। मारुति फाउंडेशन की ओर से डॉ. प्रवीण शर्मा, समाज सेविका सीमा छावड़ा, धीरेंद्र कुमार शर्मा, नवलक्ष्मी तिवारी, विनय पांडे मुख्य अतिथियों में शामिल हुए।

बच्चों का प्रदर्शन
प्रतियोगिता में बच्चों के शानदार प्रदर्शन और कलाकृतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में विजेताओं को ट्रॉफी और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन न केवल बच्चों की प्रतिभा को निखारने का अवसर था, बल्कि उन्हें रचनात्मकता और कौशल के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने की प्रेरणा भी दी।
स्कोर परीक्षा और राष्ट्रीय स्तर की पहल
श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल एसोसिएट एजीएम मविल्ला सतीश ने बताया कि स्कूल राष्ट्रीय स्तर का स्कालरशिप एग्जाम “स्कोर एग्जाम” आयोजित करने जा रहा है। यह परीक्षा कक्षा 3 से 11 के बच्चों के लिए है, जिसमें अच्छे अंक प्राप्त करने पर कैश प्राइज़ भी दिया जाएगा। इसके आधार पर स्कूल में दाखिले पर विशेष छूट भी दी जाएगी। इस परीक्षा से बच्चों को कॉम्पीटिटिव एग्जाम देने का अनुभव मिलेगा।
आयोजन का महत्व
यह कार्यक्रम युवा प्रतिभाओं का उत्सव था, जिसने बच्चों को न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि सांस्कृतिक और रचनात्मक विकास के लिए भी प्रेरित किया। दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले बच्चों को समाज में अपनी पहचान बनाने और प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला।






