मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ शब्द की पहचान अटल बिहारी वाजपेयी की देन है, जो राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर है।
रायपुर । मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि आज हम जिस ‘छत्तीसगढ़’ शब्द का उपयोग अपने पते, पहचान और राज्य के नाम के रूप में करते हैं, वह श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की देन है। उन्होंने बताया कि अटल जी के प्रयासों और दूरदर्शिता के कारण ही यह नाम राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान बन सका।
Read It Loud
अटल बिहारी वाजपेयी की दूरदर्शिता
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमेशा छत्तीसगढ़ के लोगों और क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पहचान को महत्व दिया। उन्होंने राज्य गठन के समय यह सुनिश्चित किया कि नए राज्य को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक नाम मिले।

छत्तीसगढ़ का नाम और पहचान
छत्तीसगढ़ का नाम केवल भौगोलिक पहचान नहीं बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और राजनीतिक महत्व का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नाम ने राज्य के लोगों को एकता और आत्मसम्मान का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ अपने सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में तेजी से विकास कर रहा है। यह राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, और कृषि में भी नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अटल जी का योगदान राज्य की स्थायित्व और प्रगति में अमूल्य है।
राज्य की उपलब्धियां और आगे का मार्ग
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ ने 25 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और उद्योग में उल्लेखनीय प्रगति की है। अटल जी के मार्गदर्शन और प्रेरणा से ही यह राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी पहचान बना पा रहा है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री साय के अनुसार, छत्तीसगढ़ शब्द की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रासंगिकता हमेशा याद रखी जाएगी। अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान ने राज्य को एक मजबूत और गर्वित पहचान दी है।






