भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को शुरुआती कारोबार में जोरदार तेजी देखने को मिली, जब प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में उल्लेखनीय उछाल दर्ज किया गया। यह उछाल मुख्य रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर नियोजित सैन्य हमले रोकने और समझौते की संभावना जताने के फैसले के बाद आया, जिससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। इसके अतिरिक्त, अदाणी समूह के शेयरों में भी जबरदस्त तेजी देखी गई, क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग ने कंपनी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से हटा दिए। निवेशकों का भरोसा बढ़ने और वैश्विक तेल कीमतों में गिरावट के चलते प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी शेयरों और अदाणी समूह की कंपनियों में जमकर खरीदारी हुई, जिससे बाजार को मजबूती मिली।
बाजार में जोरदार उछाल
मंगलवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार ने निवेशकों को सकारात्मक संकेत दिए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 366.71 अंक बढ़कर 75,706.88 के स्तर पर पहुँच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 107.45 अंक की बढ़त के साथ 23,760 पर कारोबार कर रहा था। बाजार में इस तेजी का मुख्य कारण वैश्विक राजनीतिक तनाव में कमी और घरेलू मोर्चे पर कुछ बड़ी कंपनियों से जुड़ी सकारात्मक खबरें थीं। सेंसेक्स की तीस कंपनियों में से अधिकांश हरे निशान में कारोबार कर रही थीं। इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और ट्रेंट प्रमुख लाभ में रहे, जबकि इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। हालांकि, कुछ कंपनियों जैसे अल्ट्राटेक सीमेंट, कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन और इटरनल के शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।
ट्रंप के ईरान फैसले का असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर नियोजित सैन्य हमले रोकने का फैसला भारतीय सहित वैश्विक शेयर बाजारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया। ट्रंप ने सोमवार देर दोपहर ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की थी। उन्होंने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि ईरान के साथ “बहुत बड़ी चर्चाएं” हुई हैं और उनके परिणाम देखना बाकी है। यह कदम कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान अल सऊद और संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के अनुरोध पर लिया गया था। इस फैसले से भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल भी दो फीसदी गिरकर 109.9 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिसने भारतीय बाजार को और मजबूती प्रदान की, क्योंकि कच्चे तेल की कम कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद होती हैं।
अदाणी समूह को मिली राहत
बाजार की तेजी में अदाणी समूह के शेयरों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में जोरदार उछाल देखा गया। यह उछाल अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप स्थायी रूप से हटाने के बाद आया। यह खबर अदाणी समूह के लिए एक बड़ी राहत थी, जिसने निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति विश्वास बहाल किया। अमेरिकी न्याय विभाग के इस फैसले से अदाणी समूह के कानूनी विवादों को लेकर अनिश्चितता समाप्त हुई, जिससे निवेशकों ने इन शेयरों में जमकर खरीदारी की। अदाणी समूह के शेयरों में तेजी ने समग्र बाजार के सकारात्मक रुझान को और मजबूत किया।
विदेशी निवेश और आईटी शेयरों का योगदान
बाजार में सकारात्मक रुझान को बढ़ावा देने में विदेशी फंड के प्रवाह और प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में खरीदारी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय इक्विटी बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं, जिससे बाजार को समर्थन मिल रहा है। इसके अलावा, इंफोसिस, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में भी निवेशकों ने उत्साहपूर्वक खरीदारी की। यह खरीदारी वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सुधार की उम्मीदों और भारतीय आईटी कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन के कारण हुई। इन सभी कारकों के संयोजन ने मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में एक मजबूत और सकारात्मक शुरुआत सुनिश्चित की, जिससे निवेशकों में आशा का संचार हुआ।










