मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि डिजिटल पारदर्शी प्रक्रिया से शिक्षा के अधिकार को मजबूती मिली है और पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ मिल रहा है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि पारदर्शी डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से राज्य में शिक्षा के अधिकार (RTE) को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली के उपयोग से शिक्षा से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता आई है और पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ आसानी से मिल रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा के अधिकार कानून के तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन, चयन और प्रवेश की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है, जिससे अभिभावकों और विद्यार्थियों को काफी सुविधा मिल रही है।
ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आरटीई के तहत प्रवेश की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। इससे आवेदन करने वाले अभिभावकों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती और सभी प्रक्रियाएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती हैं।
इस प्रणाली के माध्यम से स्कूलों में सीटों की उपलब्धता, चयन प्रक्रिया और प्रवेश की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास दोनों बढ़े हैं।
विद्यार्थियों को मिल रहा लाभ
सरकार की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है। डिजिटल प्रक्रिया के कारण पात्र विद्यार्थियों का चयन निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से हो पा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के लिए प्रयास कर रही है, ताकि हर बच्चे को बेहतर शिक्षा मिल सके।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की आधारशिला है। इसलिए सरकार शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल प्रणाली के माध्यम से न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी अधिक तेज और प्रभावी हुई हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक के उपयोग से शिक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी तथा अधिक से अधिक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सकेगा।






