मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 21वीं सदी का सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और साहसिक नेतृत्व के कारण यह महत्वपूर्ण कानून संभव हो पाया है, जो देश की महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के लंबे समय से चले आ रहे उस सपने को पूरा करेगा, जिसमें वे राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में अधिक भागीदारी चाहती थीं। इस कानून से महिलाओं को संसद और विधानसभा में अधिक प्रतिनिधित्व मिलेगा, जिससे उनकी आवाज मजबूत होगी।
महिलाओं को मिलेगा व्यापक प्रतिनिधित्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लागू होने से देश की महिलाओं को राजनीतिक क्षेत्र में नई पहचान और अवसर मिलेंगे। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और नीति निर्माण में उनकी भूमिका मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से समाज के विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महिलाओं के अनुभव और दृष्टिकोण से नीतियों को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह निर्णय महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस विषय पर निर्णायक कदम उठाकर प्रधानमंत्री ने देश की आधी आबादी के सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कई योजनाएं और कार्यक्रम चला रही है, जिनसे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
महिला सशक्तिकरण को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम से महिलाओं को राजनीति में अधिक अवसर मिलेंगे और इससे समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह कानून देश में महिला नेतृत्व को मजबूत करेगा और आने वाले समय में अधिक महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में सामने आएंगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा तथा देश के विकास में उनकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।







