मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में सड़क निर्माण को गति देने के लिए केंद्र से अरुणाचल मॉडल लागू कर विशेष सहायता देने का आग्रह किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में सड़क संपर्क को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार से विशेष पहल करने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने केंद्र से अनुरोध किया कि पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश में सड़क निर्माण के लिए अपनाए गए विशेष मॉडल की तर्ज पर बस्तर क्षेत्र में भी सड़क विकास परियोजनाओं को मंजूरी और वित्तीय सहायता प्रदान की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर भौगोलिक दृष्टि से चुनौतीपूर्ण क्षेत्र है, जहां घने जंगल, पहाड़ी इलाके और दूरस्थ गांव बड़ी संख्या में स्थित हैं। इन परिस्थितियों के कारण सड़क निर्माण की लागत सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में विशेष केंद्रीय सहायता और लचीली नीति अपनाकर सड़क परियोजनाओं को गति दी जा सकती है।
उन्होंने बताया कि बेहतर सड़क संपर्क से न केवल आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी योजनाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने में भी सड़क नेटवर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यदि केंद्र सरकार अरुणाचल प्रदेश की तर्ज पर विशेष सड़क निर्माण मॉडल लागू करती है, तो बस्तर के विकास को नई दिशा और गति मिलेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि बस्तर की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। इससे लंबे समय से सड़क संपर्क से वंचित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।
राज्य सरकार का मानना है कि मजबूत सड़क नेटवर्क बस्तर में निवेश, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का आधार बनेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर बस्तर के विकास को नई गति प्रदान करेगी।




