मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर के 461 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक बिजली पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता का आग्रह किया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर संभाग के 461 पूर्व नक्सल प्रभावित गांवों तक बिजली पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्र सरकार से इन दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों के विद्युतीकरण के लिए विशेष वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि विकास की मुख्यधारा से लंबे समय तक दूर रहे इन गांवों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के अनेक गांव घने जंगलों, पहाड़ी इलाकों और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में स्थित हैं। पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे इन क्षेत्रों में बिजली जैसी आधारभूत सुविधा पहुंचाना सामान्य परियोजनाओं की तुलना में अधिक चुनौतीपूर्ण और खर्चीला है। ऐसे में केंद्र सरकार का सहयोग इस अभियान को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने बताया कि बिजली पहुंचने से इन गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, संचार और आजीविका के अवसरों का विस्तार होगा। साथ ही ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आएगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। बिजली उपलब्ध होने से डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ भी लोगों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि दूरस्थ गांवों के नागरिकों को भी विकास का समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी विकास कार्य करना चुनौती माना जाता था, वहां अब आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि इन 461 गांवों में बिजली पहुंचने से सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन को नई गति मिलेगी। इससे कृषि, लघु उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि बस्तर की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य के समन्वित प्रयासों से बस्तर के दूरस्थ गांवों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य जल्द पूरा होगा और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।




