आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार 1 अगस्त, 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी ही 2047 तक भारत को दुनिया की नंबर एक शक्ति बनाने में सक्षम एकमात्र नेता हैं। भोगपुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के उद्घाटन समारोह में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए, नायडू ने लोगों से मोदी के नेतृत्व को संरक्षित करने का आग्रह किया और उनके आलोचकों से राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का पुनर्मूल्यांकन करने को कहा। नायडू ने इस बात पर जोर दिया कि भारत एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है, जहाँ दुनिया सूचना प्रौद्योगिकी (IT) युग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) युग की ओर बढ़ रही है।
मोदी का नेतृत्व ही क्यों?
मुख्यमंत्री नायडू ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारत के पास ज्ञान और प्रौद्योगिकी आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन देश को उनके दोहन और राष्ट्रीय विकास के लिए एक मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब देश तकनीकी प्रगति के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयास कर रहा है। नायडू ने कहा कि आईटी युग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) युग में संक्रमण के लिए दूरदर्शी और सक्षम नेतृत्व अनिवार्य है, और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को इस चुनौती का सामना करने में सक्षम एकमात्र नेता बताया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को अपना समर्थन दें, क्योंकि यही भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा।
आलोचकों पर निशाना और समर्थन की अपील
नायडू ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए और विचार करना चाहिए कि उन्होंने देश के लिए क्या योगदान दिया है। यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, खासकर तब जब कई विपक्षी दल सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं। नायडू ने कहा कि देश को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है, और अनावश्यक आलोचना से विकास बाधित होता है। इस अवसर पर, अभिनेता और जनसेना पार्टी के प्रमुख पवन कल्याण ने भी प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ हो रहे “अपमान” पर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि “मोदी के खिलाफ दुर्व्यवहार सुनकर मेरी आँखों में आँसू आ गए।” यह दर्शाता है कि प्रधानमंत्री मोदी के पक्ष में समर्थन केवल भाजपा तक ही सीमित नहीं है बल्कि अन्य क्षेत्रीय दलों और सार्वजनिक हस्तियों से भी आ रहा है।
2047 का लक्ष्य और दृष्टिकोण
चंद्रबाबू नायडू का यह बयान प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अनुरूप है। प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार अपने भाषणों में ‘अमृत काल’ के दौरान भारत को विश्व गुरु बनाने के लक्ष्य पर जोर दिया है। नायडू ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मोदी के नेतृत्व को अपरिहार्य बताया। उन्होंने कहा कि भारत के पास विशाल मानव संसाधन और युवा शक्ति है, जिसे सही दिशा और मजबूत मार्गदर्शन की आवश्यकता है। नायडू ने आंध्र प्रदेश के विकास के लिए भी केंद्र सरकार के सहयोग की सराहना की और कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा जैसी परियोजनाएं राज्य और देश के विकास में मील का पत्थर साबित होंगी। यह एयरपोर्ट न केवल कनेक्टिविटी बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा, जिससे 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
आगे की राह
मुख्यमंत्री नायडू का यह बयान आंध्र प्रदेश और केंद्र के बीच मजबूत होते संबंधों को भी दर्शाता है। यह दिखाता है कि राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल कितना महत्वपूर्ण है। आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि नायडू के इस समर्थन का राष्ट्रीय राजनीति और विशेष रूप से आगामी चुनावों पर क्या प्रभाव पड़ता है। नायडू ने अपने संबोधन का समापन करते हुए लोगों से अपील की कि वे देश के भविष्य के लिए सही विकल्प चुनें और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में सहयोग करें। उनका दृढ़ विश्वास है कि मोदी के नेतृत्व में ही भारत वैश्विक पटल पर अपनी वास्तविक क्षमता को साकार कर पाएगा और 2047 तक दुनिया की नंबर एक शक्ति के रूप में उभरेगा।





