केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए बड़ा एलान किया कि भाजपा सरकार आने पर आदिवासी महिलाओं को गाय और भैंस दी जाएंगी। उन्होंने इस दौरान नक्सलवाद के खात्मे के लक्ष्य को पूरा करने का भी दावा किया और वर्तमान कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोलते हुए राज्य में विकास न होने का आरोप लगाया। शाह का यह दौरा चुनावी सरगर्मी के बीच बस्तर के रणनीतिक महत्व को दर्शाता है, जहाँ भाजपा आदिवासी वोट बैंक को साधने और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
आदिवासी महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का वादा
अमित शाह ने अपने संबोधन में विशेष रूप से आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर हर आदिवासी परिवार की महिला को गाय और भैंस उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और पशुधन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है। शाह ने इस योजना को आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि इससे महिलाएँ न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मंत्र के अनुरूप है, जिसमें समाज के हर वर्ग को मुख्यधारा में लाना शामिल है।
नक्सलवाद के खात्मे का दावा
केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर में नक्सलवाद की समस्या पर बात करते हुए दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार ने नक्सलवाद के खात्मे का जो लक्ष्य रखा था, वह लगभग पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती और विकास कार्यों में तेजी लाई गई है, जिसके परिणामस्वरूप नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। शाह ने इस उपलब्धि को मोदी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और मजबूत सुरक्षा नीति का परिणाम बताया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नक्सलवाद की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी इस दिशा में कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे। उन्होंने विपक्षी दलों पर नक्सल समस्या को वोट बैंक की राजनीति के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया, जबकि भाजपा सरकार ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा माना।
कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला
अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की वर्तमान कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने राज्य के विकास को बाधित किया है और जनता से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है। शाह ने कहा कि कांग्रेस शासन में भ्रष्टाचार चरम पर है और राज्य की जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी हितों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया और कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए ईमानदारी से काम कर रही है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे कांग्रेस सरकार को हटाकर भाजपा को सत्ता में लाएँ ताकि राज्य में विकास और सुशासन की स्थापना हो सके। शाह ने कांग्रेस के खिलाफ गरीबी, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी उठाया, जो आगामी चुनावों में प्रमुख मुद्दे बन सकते हैं।
विकास और भविष्य की रणनीति
अपने संबोधन में अमित शाह ने बस्तर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भाजपा की भविष्य की विकास रणनीति का भी खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर बस्तर को विकास का नया मॉडल बनाया जाएगा। इसमें सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करना, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार करना, तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना शामिल है। शाह ने खनिज संसाधनों के उचित दोहन और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने की बात भी कही ताकि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति मिल सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा की प्राथमिकता गरीबों, किसानों और आदिवासियों का कल्याण है और इसके लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। अमित शाह का यह दौरा आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जनता के बीच विश्वास पैदा करना और उन्हें विकास के एजेंडे से जोड़ना है।










