केंद्रीय मंत्री ओरांव ने युवाओं से रोजगार मांगने के बजाय उद्यमी बनकर रोजगार देने वाला बनने का आह्वान किया और कौशल विकास पर जोर दिया।
रायपुर। केंद्रीय मंत्री श्री ओरांव ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल रोजगार पाने की सोच तक सीमित न रहें, बल्कि ऐसे प्रयास करें जिससे वे रोजगार देने वाले उद्यमी बन सकें। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज के समय में युवाओं के पास कौशल, तकनीक और नवाचार के कई अवसर मौजूद हैं। यदि इन अवसरों का सही उपयोग किया जाए तो युवा न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन सकते हैं बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं।
उद्यमिता को बढ़ावा देने की जरूरत
केंद्रीय मंत्री ओरांव ने कहा कि सरकार युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं। इससे आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
कौशल विकास पर दिया जोर
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि कौशल विकास और नई तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता है। विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से युवा अपने कौशल को विकसित कर सकते हैं और रोजगार के नए रास्ते तलाश सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। यदि युवा उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाते हैं तो देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत आधार मिलेगा।
आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में देश के युवा अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर रोजगार देने वाले उद्यमी बनकर समाज और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






