रायपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया, आस्था का सैलाब उमड़ा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर जनता के मंगल की कामना की।
रायपुर। राजधानी रायपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस वर्ष भव्यता और श्रद्धा के साथ मनाया गया। शहर के प्रमुख मंदिरों और आयोजन स्थलों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों ने इस पावन पर्व को विशेष बना दिया। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय भी उत्सव में शामिल हुए और उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर सबके मंगल की कामना की।
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भव्य आयोजन और सजे मंदिर
रायपुर शहर के सभी प्रमुख मंदिरों, खासकर इस्कॉन मंदिर और दादाबाड़ी स्थित प्राचीन मंदिरों में जन्माष्टमी का उल्लास देखने को मिला। रंग-बिरंगी सजावट, भक्ति गीतों और झांकी प्रतियोगिताओं ने भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण में डूबो दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन गीता के उपदेशों पर आधारित है, जो आज भी हमें धर्म, कर्तव्य और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
भक्तों की उमड़ी भीड़
मध्यरात्रि को भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पर्व मनाने के लिए हजारों श्रद्धालु एकत्र हुए। आरती, भजन और प्रसाद वितरण ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। महिलाएं और बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। विशेषकर राधा-कृष्ण स्वरूप में बच्चों की झांकियों ने सभी का मन मोह लिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
उत्सव में शामिल होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि संकटों में धैर्य और धर्म पर डटे रहना ही सफलता का मार्ग है। उन्होंने प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि समाज में भाईचारा और एकता बनाए रखते हुए श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारें।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
जन्माष्टमी उत्सव में मटकी फोड़ प्रतियोगिता और भजन संध्या का आयोजन किया गया। युवाओं ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया। वहीं, कलाकारों ने नृत्य-नाटिका के माध्यम से श्रीकृष्ण लीला का मंचन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा।
प्रदेशभर में उल्लास
केवल रायपुर ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में जन्माष्टमी का उल्लास देखने को मिला। धमतरी, बिलासपुर, दुर्ग और राजनांदगांव में भी मंदिरों में विशेष कार्यक्रम हुए। जगह-जगह झांकियां निकाली गईं और शोभायात्राओं में हजारों लोग शामिल हुए।
सुरक्षा और व्यवस्था
भक्तों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निष्कर्ष
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी ने रायपुर समेत पूरे छत्तीसगढ़ को भक्ति और आस्था में सराबोर कर दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति ने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। यह पर्व केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का प्रतीक भी है।







