राजनांदगांव में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 6 करोड़ की स्वीकृति से अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम का रास्ता खुला। यह परियोजना डॉ. रमन सिंह की प्रमुख पहल है।
राजनांदगांव। राजनांदगांव जिले के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की हॉकी प्रतिभाओं को बेहतर मंच देने और शहर को खेल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राजनांदगांव में एक अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम निर्माण के लिए 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल गई है। यह स्वीकृति पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद डॉ. रमन सिंह के निरंतर प्रयासों और पहल का परिणाम मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से बढ़ेगा खेलों का दायरा
राजनांदगांव लंबे समय से छत्तीसगढ़ का खेल हब माना जाता रहा है। यहां हॉकी के प्रति युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। हालांकि, संसाधनों की कमी व अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान का अभाव होने के कारण कई प्रतिभाएं अपने कौशल को बड़े स्तर तक पहुंचाने में संघर्ष कर रही थीं।
6 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि राजनांदगांव अब प्रदेश का हॉकी केंद्र बनेगा, जहां अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित हो सकेंगे और स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व सुविधा मिलेगी।
डॉ. रमन सिंह की पहल से संभव हुआ प्रोजेक्ट
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना की स्वीकृति में डॉ. रमन सिंह की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने केंद्र सरकार व संबंधित विभागों के साथ लगातार चर्चा कर राजनांदगांव में इस स्टेडियम के निर्माण की जरूरत को मजबूती से रखा।
स्थानीय खेल संघों और खिलाड़ियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि डॉ. सिंह की कोशिशों ने वर्षों पुरानी मांग को पूरा किया है।
हॉकी स्टेडियम के संभावित फीचर्स
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित स्टेडियम में निम्नलिखित प्रमुख सुविधाएं विकसित की जाएंगी—
- अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार टर्फ ग्राउंड
- आधुनिक फ्लडलाइट्स
- खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक चेंजिंग रूम
- फिटनेस एवं रिहैबिलिटेशन सेंटर
- प्रैक्टिस एरिया और कोचिंग ज़ोन
- 5,000 से अधिक दर्शकों की क्षमता
इन सुविधाओं के आधार पर यह स्टेडियम प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर हॉकी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।
खिलाड़ी और कोचों में उत्साह
स्थानीय हॉकी खिलाड़ियों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह विकास उनकी खेल यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।
एक खिलाड़ी ने कहा, “अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान की कमी के कारण प्रशिक्षण में काफी बाधाएं आती थीं। अब हमें वही सुविधा राजनांदगांव में मिलेगी जो बड़े शहरों में उपलब्ध है।”
कोचों ने भी उम्मीद जताई कि इस स्टेडियम से न केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ेगी बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट तक पहुंचाने के अवसर भी बढ़ेंगे।
राजनांदगांव के विकास में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का योगदान
राजनांदगांव पहले से ही शिक्षा, चिकित्सा और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। अब खेलों के क्षेत्र में भी यह शहर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक खेल सुविधाएं किसी भी क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देती हैं। स्टेडियम निर्माण से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन में वृद्धि होगी और शहर का नाम राष्ट्रीय-स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में शामिल होगा।
प्रदेश की खेल नीति को मिलेगा बल
छत्तीसगढ़ सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियों पर काम कर रही है। इस स्टेडियम की मंजूरी से प्रदेश की खेल नीति को नई दिशा मिलेगी।
इससे न सिर्फ हॉकी खिलाड़ियों को फायदा होगा, बल्कि भविष्य में अन्य खेलों के लिए भी अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं विकसित करने का रास्ता खुलेगा।
स्थानीय जनता में खुशी का माहौल
6 करोड़ रुपये की स्वीकृति की खबर के बाद जिले में खुशी का माहौल है। लोगों का कहना है कि राजनांदगांव की पहचान अब सिर्फ राजनीतिक या ऐतिहासिक नहीं बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी चमकेगी।
व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने भी इसे शहर की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा अवसर बताया है।
अंतरराष्ट्रीय इवेंट्स की मेजबानी का सपना
स्टेडियम पूरा होने के बाद राजनांदगांव न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी कर सकेगा। इससे शहर का नाम विश्व स्तर पर उभरेगा और खिलाड़ियों को अपने घर पर बड़े मैच देखने व खेलने का मौका मिलेगा।
आगे की प्रक्रिया
निर्माण कार्य जल्द शुरू किए जाने की संभावना है और विभागीय अधिकारियों को प्रोजेक्ट से संबंधित सभी तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
अगर सब कुछ समय पर पूरा हो जाता है, तो आने वाले वर्षों में राजनांदगांव खेल मानचित्र पर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।






