बाज़ार
लाइव भाव लोड हो रहे हैं…
स्वास्थ्य

प्रेगाबालिन दवा ‘शेड्यूल H1’ में शामिल, नशे पर लगाम कसने को सख्त नियम

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए व्यापक रूप से निर्धारित दवा प्रेगाबालिन को ड्रग्स नियम, 1945 की सख्त ‘शेड्यूल H1’ श्रेणी के तहत ला दिया है। यह निर्णय युवाओं सहित समाज के विभिन्न वर्गों में इस दवा के दुरुपयोग और नशे की बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर लिया गया है। इस बदलाव के साथ, अब इसकी बिक्री और वितरण पर कड़े नियंत्रण लागू होंगे, जिससे केवल पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे पर ही यह दवा उपलब्ध हो सकेगी।

प्रेगाबालिन पर सख्त नियंत्रण: क्या बदला?

पहले यह दवा ‘शेड्यूल H’ के तहत विनियमित थी, जिसमें कुछ कम सख्त नियम थे। ‘शेड्यूल H1’ में आने का मतलब है कि अब इसकी बिक्री के लिए कई अनिवार्य शर्तें लागू होंगी। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि प्रेगाबालिन अब केवल एक पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही बेची जा सकेगी। खुदरा दवा विक्रेताओं को इस दवा के पर्चे और बिक्री का विस्तृत रिकॉर्ड एक अलग रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। यह कदम दवा की आपूर्ति श्रृंखला को ट्रैक करने और इसके अवैध वितरण को रोकने में मदद करेगा।

इसके अतिरिक्त, मंत्रालय ने दवा निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे उत्पाद की पैकेजिंग पर अनिवार्य “शेड्यूल H1 ड्रग वार्निंग” लेबल प्रमुखता से प्रदर्शित करें। इस लेबल में स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि यह दवा चिकित्सीय सलाह के बिना नहीं ली जानी चाहिए और इसे बिना पर्चे के नहीं बेचा जा सकता। यह चेतावनी उपभोक्ताओं को दवा के संभावित खतरों और स्व-चिकित्सा से बचने के महत्व के बारे में शिक्षित करने के लिए महत्वपूर्ण है।

दुरुपयोग की बढ़ती चिंताएं और सरकारी कार्रवाई

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने इस निर्णय के पीछे राज्यों से प्राप्त रिपोर्टों का हवाला दिया है। इन रिपोर्टों में प्रेगाबालिन के शामक (sedative), उत्साहवर्धक (euphoric) और विच्छेदक (dissociative) प्रभावों के लिए इसके बढ़ते दुरुपयोग पर प्रकाश डाला गया था। खासकर, युवाओं के बीच इसके नशे के रूप में इस्तेमाल की प्रवृत्ति चिंता का विषय बन गई थी। पूरे देश के विभिन्न हिस्सों से अधिकारियों द्वारा अवैध रूप से भंडारित और अनधिकृत रूप से बेची जा रही प्रेगाबालिन की खेप जब्त करने की खबरें भी मिली थीं, जो इसकी व्यापक दुरुपयोग की समस्या को दर्शाती हैं।

विज्ञापन
Advertisement

यह दवा, जिसे आमतौर पर क्रोनिक दर्द, न्यूरोपैथी, फाइब्रोमायल्जिया और कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों के लिए निर्धारित किया जाता है, अपने चिकित्सीय उपयोग से हटकर अब नशे के एक माध्यम के रूप में इस्तेमाल की जा रही थी। मंत्रालय का यह कदम इस उभरती हुई जनस्वास्थ्य चुनौती का सीधा जवाब है, जिसका उद्देश्य दवा के वैध उपयोग को सुनिश्चित करते हुए इसके दुरुपयोग को रोकना है।

नए नियमों का पालन और कानूनी प्रावधान

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी निर्माताओं, वितरकों, थोक विक्रेताओं, खुदरा विक्रेताओं और फार्मासिस्टों को इस नई अधिसूचना का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की सलाह दी है। इन नियमों का पालन न करने या उल्लंघन करने पर गंभीर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और संबंधित नियमों के तहत ऐसे उल्लंघनों के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह सुनिश्चित करना सभी हितधारकों की जिम्मेदारी है कि प्रेगाबालिन केवल वैध चिकित्सा उद्देश्यों के लिए ही उपलब्ध हो।

इन सख्त नियंत्रणों का उद्देश्य न केवल दवा के दुरुपयोग को रोकना है, बल्कि प्रेगाबालिन के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग को भी बढ़ावा देना है। सरकार का यह कदम प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के दुरुपयोग पर लगाम लगाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि मरीज़ों को उनकी ज़रूरतों के अनुसार दवा मिलती रहे, लेकिन साथ ही इसके गैर-चिकित्सीय उपयोग को सख्ती से रोका जाए।

पृष्ठभूमि और महत्व

प्रेगाबालिन एक ऐसी दवा है जिसे अक्सर क्रोनिक दर्द, न्यूरोपैथी, फाइब्रोमायल्जिया और कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियों जैसे मिर्गी के इलाज के लिए निर्धारित किया जाता है। यह एक गाबापेंटिनोइड है जो मस्तिष्क में तंत्रिका गतिविधि को धीमा करके काम करता है, जिससे दर्द और दौरे को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। इसकी व्यापक प्रिस्क्रिप्शन दर के कारण, बाजार में इसकी उपलब्धता काफी अधिक थी, और यही कारण इसके दुरुपयोग का एक बड़ा कारक बन गया।

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उठाए गए इस कदम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह भारत में प्रिस्क्रिप्शन दवाओं के दुरुपयोग की बढ़ती समस्या की ओर ध्यान आकर्षित करता है। पहले भी ऐसी कई दवाओं को सख्त नियंत्रण में लाया गया है। प्रेगाबालिन पर यह नया प्रतिबंध दर्शाता है कि सरकार दवाओं के अवैध उपयोग और उसके परिणामस्वरूप होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति गंभीर है। यह पहल न केवल युवाओं को नशे की चपेट में आने से बचाने में मदद करेगी, बल्कि दवा उद्योग और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी एक स्पष्ट संदेश है कि वे नियमों का कड़ाई से पालन करें। यह जनस्वास्थ्य के हित में एक दूरगामी निर्णय है।

Dipti Das
लेखक / Author

दीप्ति दास दबंग आवाज़ की संवाददाता हैं, जो विभिन्न विषयों पर सटीक और संतुलित रिपोर्टिंग के लिए जानी जाती हैं।

📱 वेब स्टोरीज़

सभी देखें →
Aaj Ka Rashifal 14 August 2026: 12 राशियों का कैसा रहेगा दिन? जानें धन, करियर, प्रेम और सेहत का हाल ▶ STORY Aaj Ka Rashifal 14 August 2026: 12 राशियों का कैसा… मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने बचाई जिंदगियां ▶ STORY मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता ने बचाई जिंदगियां स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और इतिहास की झांकी ▶ STORY स्वतंत्रता दिवस पर रणजीता स्टेडियम के समीप सजी देशभक्ति और… शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला ▶ STORY शिल्पियों की कला को सम्मान, हुनर को मिला हौसला हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस ▶ STORY हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया जायेगा स्वतंत्रता दिवस दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की सुनवाई, त्वरित कार्रवाई और विधिक सहायता पर जोर ▶ STORY दुर्ग में महिला आयोग की जनसुनवाई : 27 प्रकरणों की… इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड बढ़ाने की माँग पर विचार का आश्वासन ▶ STORY इंटर्न्स की समस्याओं पर चिकित्सा शिक्षा विभाग की बैठक, स्टाइपेंड… विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय आयोजन 14 अगस्त को ▶ STORY विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ पर राज्य स्तरीय आयोजन 14 अगस्त… तिपहिया स्कूटी से बढ़ेगी दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता :  अरुण साव ▶ STORY तिपहिया स्कूटी से बढ़ेगी दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता : अरुण साव प्रदेश के कॉलेजों में परंपरागत पढ़ाई के साथ अब विद्यार्थियों को मिलेगी रोजगारोन्मुखी शिक्षा ▶ STORY प्रदेश के कॉलेजों में परंपरागत पढ़ाई के साथ अब विद्यार्थियों… राजा भोज नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन ▶ STORY राजा भोज नेशनल सेलिंग चैम्पियनशिप में मध्यप्रदेश का शानदार प्रदर्शन करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी हुए शामिल ▶ STORY करीब 200 फीट लंबे तिरंगे के साथ उमड़ा जनसैलाब, वित्त…