बिलासपुर के घोंघा और खूंटाघाट जलाशय लबालब, लोग फिसलन और बहाव वाले इलाकों में जा रहे हैं; हादसों की आशंका बढ़ी।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित घोंघा जलाशय और खूंटाघाट जलाशय भारी बारिश के कारण लबालब हो चुके हैं। जलाशयों का दृश्य अत्यंत सुंदर और मनोहारी है, जिससे बड़ी संख्या में लोग घूमने के लिए वहां पहुंच रहे हैं। लेकिन यह आकर्षण अब लोगों की लापरवाही और जोखिमपूर्ण व्यवहार के कारण चिंताजनक बन गया है।
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प्रशासन द्वारा लगातार चेतावनी जारी किए जाने के बावजूद लोग उन स्थानों पर जा रहे हैं, जहां तेज बहाव, फिसलन, और गहराई का खतरा ज्यादा है।
तेज बहाव वाली जगहों पर भीड़ बढ़ना खतरनाक
बारिश के बाद जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ गया है। किनारों पर फिसलन और अचानक पानी की गहराई बढ़ने की घटनाएं आम हैं। इसके बावजूद लोग सेल्फी, फोटोशूट और नहाने के चक्कर में इन स्थानों पर बेखौफ जा रहे हैं।
खूंटाघाट के पास स्थानीय लोगों का कहना है कि कई युवा बिना सुरक्षा उपायों के पानी में उतरते हैं। इस मानसून में कम से कम तीन घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां लोगों को बहाव में फंसने से बचाया गया है।
प्रशासन ने लगाए हैं चेतावनी बोर्ड, लेकिन लोग अनदेखी कर रहे
बिलासपुर जिला प्रशासन और वन विभाग ने दोनों जलाशयों के आसपास चेतावनी बोर्ड, बैरिकेड्स और गाइडलाइन जारी की हैं। जगह-जगह यह स्पष्ट लिखा है कि “तेज बहाव क्षेत्र में प्रवेश न करें” और “फिसलन वाले पत्थरों से दूर रहें”, लेकिन पर्यटक इन निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं।
एक अधिकारी ने बताया, “लोगों की जिद और लापरवाही से हादसों की आशंका बनी रहती है। प्रशासन केवल चेतावनी दे सकता है, लेकिन नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे सुरक्षा का ध्यान रखें।”
सोशल मीडिया पर ट्रेंड बना ‘जलप्रपात सेल्फी’
बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़ और आसपास के जिलों से सैकड़ों लोग सोशल मीडिया पर ‘वॉटरफॉल सेल्फी’ या ‘लाइव झरना रील’ बनाने के लिए इन जलाशयों पर पहुंच रहे हैं। इन रील्स में कई बार लोग खतरनाक चट्टानों और पानी के बहाव के बीच वीडियो बनाते दिखते हैं।
एक स्थानीय निवासी का कहना है, “लोगों को लगता है कि वायरल होने के लिए जोखिम लेना जरूरी है। लेकिन उन्हें ये समझना होगा कि जान की कीमत एक रील से कहीं ज्यादा है।”
भारी बारिश की चेतावनी और पानी का स्तर बढ़ने की आशंका
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में जलाशयों का जलस्तर और अधिक बढ़ सकता है। प्रशासन ने पुनः चेतावनी जारी की है कि लोग फुटपाथ, तटों, फिसलन वाले क्षेत्रों और चट्टानों पर चढ़ने से बचें।
संभावित आपदा की तैयारी में प्रशासन
प्रशासन ने जिला आपदा प्रबंधन दल को अलर्ट पर रखा है। वाटर रेस्क्यू टीम, स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग की टीम जलाशयों के आसपास निगरानी कर रही हैं। यदि कोई व्यक्ति चेतावनी के बावजूद जोखिम उठाता है, तो धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जनजागरूकता की अपील
प्रशासन और सामाजिक संगठन लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लें, लेकिन सावधानी के साथ। सुरक्षा, अनुशासन और नियमों का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।






