रायपुर में जन्माष्टमी धूमधाम से, श्रीराधा कृष्ण मंदिर फूलों से सजा, इस्कॉन में 3 दिन महोत्सव, कान्हा को 1100 किलो मालपुआ भोग अर्पित होगा।
रायपुर। राजधानी रायपुर में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के मंदिरों में विशेष सजावट और भव्य झांकियों के साथ भक्तों का उत्साह चरम पर है। श्रीराधा कृष्ण मंदिर समेत इस्कॉन और अन्य प्रमुख मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए तैयारियां पूरे वैभव के साथ की गई हैं।
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इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्तों के लिए सबसे खास आकर्षण 1100 किलो मालपुआ है, जो कान्हा को भोग स्वरूप समर्पित किया जाएगा। यह प्रसाद भक्तों में भी वितरित किया जाएगा।
श्रीराधा कृष्ण मंदिर में विशेष सजावट
रायपुर के श्रीराधा कृष्ण मंदिर को फूलों, झालरों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। मंदिर परिसर में प्रवेश करते ही भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव होता है। भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की झांकियों को बड़े आकर्षक ढंग से सजाया गया है। मंदिर प्रबंधन ने बताया कि इस अवसर पर हजारों भक्त दर्शन करने पहुंचेंगे और सुरक्षा व सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है।
दुग्धाभिषेक और झूला दर्शन
मंदिरों में सुबह से ही दुग्धाभिषेक का आयोजन हुआ। भक्तों ने दूध, दही, घी, शहद और शुद्ध जल से भगवान का अभिषेक कर पुण्य अर्जित किया। साथ ही, कान्हा को झूले पर विराजमान कर झूला दर्शन भी कराया गया। छोटे-छोटे बालक कृष्ण के रूप में सजकर मंदिर पहुंचे और वातावरण “हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
इस्कॉन मंदिर में तीन दिन का महोत्सव
रायपुर के इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर तीन दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित किया गया है। महोत्सव के दौरान भागवत कथा, संकीर्तन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव ध्वनि-वाद्य और घंटियों के साथ मनाया जाएगा। यहां श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद भी वितरित किया जाएगा।
1100 किलो मालपुआ का भोग
इस बार जन्माष्टमी पर रायपुर में अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा। भक्तों ने मिलकर 1100 किलो मालपुआ बनाने का संकल्प लिया है। यह मालपुआ भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित किया जाएगा और इसके बाद भक्तों को प्रसाद स्वरूप बांटा जाएगा। मंदिर समिति ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर प्रसाद की तैयारी अपने आप में एक विशेष आयोजन है, जो रायपुरवासियों के लिए गर्व का विषय है।
भक्तों में उत्साह और उमंग
भक्तजन सुबह से ही मंदिरों में कतारबद्ध होकर दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा धारण कर विशेष गीत गाए और रात्रि जागरण का आयोजन भी किया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों में दही-हांडी प्रतियोगिताओं की भी तैयारी की जा रही है।
प्रशासन की तैयारी
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए रायपुर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्लान बनाया गया है।
आध्यात्मिक संदेश
मंदिरों के आचार्यों ने संदेश दिया कि जन्माष्टमी केवल उत्सव का पर्व नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का अवसर है। उन्होंने गीता के उपदेशों को आत्मसात करने और समाज में धर्म, प्रेम और भाईचारे की भावना को बढ़ाने का आह्वान किया।
सोशल मीडिया पर भी छाया उत्सव
जन्माष्टमी के मौके पर रायपुर के मंदिरों की सजावट और भजन-कीर्तन के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। कई लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण कर भक्तों को जोड़ रहे हैं।






