नकटी बेदखली मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पुनर्वास से पहले कार्रवाई रोकने की बात कही और मुख्यमंत्री से न्यायपूर्ण समाधान निकालने का भरोसा दिलाया।
रायपुर, 27 जून 2026।
रायपुर के नकटी क्षेत्र में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी निर्माण को लेकर जारी बेदखली नोटिस के बीच प्रभावित ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा जारी नोटिस और संभावित विस्थापन को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए न्याय की मांग की।
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि सरकार की किसी भी विकास योजना का उद्देश्य लोगों को बेघर करना नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर वह पहले भी शासन के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं और अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से चर्चा कर ऐसा समाधान निकालने का प्रयास करेंगे, जिससे विकास कार्य भी प्रभावित न हो और किसी जरूरतमंद परिवार के सिर से छत भी न छिने।
सांसद ने प्रभावित ग्रामीणों, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए उचित पुनर्वास या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक किसी भी प्रकार की बेदखली की कार्रवाई न की जाए।
उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए कोई अन्य स्थान उपलब्ध नहीं है, उनकी सुरक्षा और पुनर्वास सरकार की जिम्मेदारी है। सरकार की योजनाएं जनकल्याण के लिए बनाई जाती हैं और किसी भी नागरिक को संकट में डालना उनका उद्देश्य नहीं है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के पास पहले से वैकल्पिक आवास उपलब्ध हैं, वे स्वेच्छा से सहयोग करें ताकि वास्तविक जरूरतमंद और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास का लाभ मिल सके।
उन्होंने प्रशासन को पूरी प्रक्रिया के दौरान संवेदनशील और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश दिए तथा ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने पर जोर दिया। सांसद ने भरोसा दिलाया कि किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार न्यायपूर्ण एवं सकारात्मक समाधान की दिशा में कार्य करेगी।
ग्रामीणों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके हस्तक्षेप से बेदखली का संकट दूर होगा और प्रभावित परिवारों को न्याय मिलेगा। उल्लेखनीय है कि सांसद इससे पहले भी इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा करने की मांग कर चुके हैं।




