उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्राम मोटियारी में नवधा रामायण कार्यक्रम में शामिल हुए, श्रद्धालुओं के साथ रामकथा सुनकर ग्रामीणों को सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
रायपुर । रायपुर जिले के ग्राम मोटियारी में आयोजित नवधा रामायण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सम्मिलित होकर श्रद्धालुओं के बीच आस्था, भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह का संदेश दिया।
ग्राम पंचायत द्वारा आयोजित यह धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में उत्सव का वातावरण बना रहा था। उपमुख्यमंत्री के आगमन पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों और भक्तों ने तालियों और जयघोष के साथ उनका स्वागत किया।
नवधा रामायण कार्यक्रम में धार्मिक कथा, भजन, मंडली प्रस्तुतियाँ और सामूहिक प्रार्थना का आयोजन किया गया। उपमुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ दीं।
“रामायण जीवन मूल्यों का सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक”— उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा—
“रामायण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला सर्वोत्तम मार्गदर्शक है। इसके आदर्श आज भी समाज और हर व्यक्ति के लिए प्रेरणा हैं।”
उन्होंने कहा कि भगवान राम के आदर्श— सत्य, त्याग, निष्ठा, मर्यादा और कर्तव्य— हर युग में प्रासंगिक रहे हैं। ऐसी परंपराएँ समाज को संस्कारित और मजबूत बनाती हैं।
ग्रामीणों के बीच बैठकर सुनी रामकथा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने उपस्थित भक्तों के साथ बैठकर रामकथा सुनी और मंचीय प्रस्तुतियों का आनंद लिया।
इस दौरान उन्होंने कथावाचकों और कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखते हैं।
उन्होंने कहा कि—
- कथावाचक समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ाते हैं
- सांस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों और युवाओं को भारतीय परंपरा से जोड़ते हैं
- सामूहिक धार्मिक आयोजनों से सामाजिक सौहार्द बढ़ता है
ग्राम मोटियारी में भक्ति और उत्सव का माहौल
नवधा रामायण के दौरान पूरा ग्राम भक्ति रस से सराबोर था।
महिलाएँ, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी सक्रिय रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।
पूरे गाँव में—
- सजावट
- रामधुन
- धार्मिक झाँकियाँ
- मंचीय प्रस्तुतियाँ
ने उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
उपमुख्यमंत्री के आने से कार्यक्रम में और अधिक ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने इसे अपने गाँव के लिए सम्मान बताया।
धर्म और संस्कृति से जुड़ाव को बताया महत्वपूर्ण
अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाज तभी मजबूत होता है जब उसके भीतर सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आत्मविश्वास मौजूद हो।
उन्होंने कहा—
- संस्कृति समाज की पहचान है
- धार्मिक आयोजन लोगों को एक सूत्र में जोड़ते हैं
- बच्चों को संस्कार देना परिवार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को संरक्षण देना सरकार की भी प्राथमिकता है।
ग्रामीणों ने रखी अपनी बात
उपमुख्यमंत्री के दौरे के दौरान ग्रामीणों ने विकास, बिजली, सड़क, जलापूर्ति और सामाजिक योजनाओं से जुड़े कुछ मुद्दे भी रखे।
उपमुख्यमंत्री ने सभी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए कि ग्रामीणों की मांगों पर प्राथमिकता से विचार किया जाए।
कार्यक्रम आयोजकों का सम्मान
समापन के दौरान उपमुख्यमंत्री को पारंपरिक अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
उन्होंने भी आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में आनंद, अनुशासन और समर्पण की भावना का विकास करते हैं।
उन्होंने ग्राम मोटियारी के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि—
“आपकी आस्था, अनुशासन और एकता देखकर मन प्रसन्न हुआ। यह कार्यक्रम गाँव की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक सद्भाव का बड़ा उदाहरण है।”
अगले वर्ष भी बड़े स्तर पर आयोजन का आग्रह
ग्रामीणों ने उपमुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अगले वर्षों में भी इस धार्मिक परंपरा को बढ़ावा दिया जाए और सरकार से सहयोग जारी रखा जाए।
विजय शर्मा ने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहन देने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगी।






