छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी, उनके योगदान और छत्तीसगढ़ से जुड़े विशेष संबंधों को याद किया।
रायपुर। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर शनिवार को पूरे देश में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने भी राजधानी रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में वाजपेयी जी को नमन किया और उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के वह पुरोधा थे, जिन्होंने लोकतंत्र को नई दिशा और मजबूती प्रदान की।
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राज्यपाल ने दी श्रद्धांजलि
राज्यपाल ने रायपुर स्थित राजभवन परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में वाजपेयी जी के चित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वाजपेयी जी केवल राजनेता ही नहीं, बल्कि एक सच्चे कवि और दूरदर्शी व्यक्तित्व थे। उनके नेतृत्व में भारत ने नए युग की ओर कदम बढ़ाए।
अटल जी का छत्तीसगढ़ से विशेष संबंध
राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी उल्लेख किया कि अटल बिहारी वाजपेयी का छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा। छत्तीसगढ़ राज्य का गठन उनके कार्यकाल में हुआ था। यही कारण है कि प्रदेश की जनता उन्हें स्नेह और सम्मान के साथ याद करती है।
देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम
अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर पूरे देश में श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया गया। दिल्ली स्थित “सदा-ए-अटल” स्मारक पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। वहीं, राज्यों में भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में आमजन और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
अटल जी का योगदान
अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय राजनीति में एक ऐसे नेता के रूप में जाने जाते हैं जिन्होंने विपक्ष में रहकर भी सकारात्मक राजनीति की। उनके प्रधानमंत्रित्व काल में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण कर अपनी शक्ति का लोहा मनवाया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी ऐतिहासिक योजनाओं की नींव रखी।
राजनीति के “अटल” व्यक्तित्व
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि वाजपेयी जी का नाम भारतीय राजनीति में अटल और अमिट रहेगा। उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा और कभी भी सत्ता को लक्ष्य नहीं बनाया। उनकी राजनीति सेवा और समर्पण का उदाहरण है।
साहित्य और काव्य का प्रेम
अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक सफल राजनेता नहीं, बल्कि एक संवेदनशील कवि भी थे। उनकी कविताओं ने देशवासियों को सदैव प्रेरित किया। राज्यपाल ने इस मौके पर वाजपेयी जी की कविता “हार नहीं मानूंगा” का स्मरण करते हुए कहा कि यह पंक्तियाँ हर भारतीय के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा
राज्यपाल ने कहा कि अटल जी का जीवन युवाओं के लिए आदर्श है। उन्होंने संघर्ष, समर्पण और सरलता के बल पर राजनीति में सर्वोच्च स्थान हासिल किया। आज की पीढ़ी को उनके विचारों से मार्गदर्शन लेना चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा में मौजूद लोग
राज्यपाल के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य नागरिक और जनप्रतिनिधि भी श्रद्धांजलि सभा में मौजूद रहे। सभी ने अटल जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
जनता की भावनाएँ
अटल जी की पुण्यतिथि पर सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें याद कर रहे हैं। ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर लाखों लोगों ने उनकी कविताएँ और विचार साझा कर श्रद्धांजलि दी।






