मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि दी, कहा—“उनका जीवन जनसेवा और सादगी का प्रतीक था।”
रायपुर । छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को प्रदेश के वरिष्ठ राजनेता और पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल को श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में पहुंचकर दिवंगत नेता के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि श्री अग्रवाल का राजनीतिक जीवन जनसेवा, सादगी और समर्पण का अनुपम उदाहरण रहा है।
🌹 जनसेवा के प्रतीक थे बनवारी लाल अग्रवाल
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा —
“स्वर्गीय बनवारी लाल अग्रवाल जी छत्तीसगढ़ की राजनीति के ऐसे सशक्त स्तंभ थे जिन्होंने जनहित को हमेशा सर्वोपरि रखा।
उनका जीवन प्रेरणा स्रोत है और उनकी निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए आदर्श बनी रहेगी।”
श्री अग्रवाल लंबे समय तक भाजपा के वरिष्ठ नेता रहे और उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
उनका योगदान राज्य निर्माण से लेकर विकास की नीतियों तक अमूल्य माना जाता है।
🕊️ श्रद्धांजलि सभा में नेताओं की उपस्थिति
श्रद्धांजलि समारोह में प्रदेश के अनेक मंत्री, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने श्री अग्रवाल के सरल व्यक्तित्व, सौम्य स्वभाव और जनता से गहरे जुड़ाव को याद किया।
सभा में उपस्थित जनसमूह ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अग्रवाल का जीवन संदेश है कि राजनीति सेवा का माध्यम है, सत्ता का नहीं।
उन्होंने जनता की भलाई और प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य किया, जो सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान है।
🏛️ जनता के बीच लोकप्रिय और सहज नेता
स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल का जन्म बिलासपुर जिले में हुआ था।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत जनसंघ के कार्यकर्ता के रूप में की थी।
धीरे-धीरे वे संगठन में ऊपर बढ़ते गए और विधानसभा के उपाध्यक्ष पद तक पहुंचे।
उनकी पहचान एक विकासोन्मुख, सौम्य और संवेदनशील जननेता के रूप में थी।
उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षा, सड़क, जल और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
💬 मुख्यमंत्री का भावनात्मक संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा —
“बनवारी लाल अग्रवाल जी ने राजनीति में सेवा और त्याग का जो उदाहरण प्रस्तुत किया, वह अविस्मरणीय है।
उन्होंने जनहित को अपने जीवन का धर्म माना।
मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि उनके परिजनों को इस दुःख की घड़ी में शक्ति प्रदान करें।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्री अग्रवाल के योगदान को राज्य के इतिहास का अभिन्न हिस्सा मानती है और उनके कार्यों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ेगी।
🪔 श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जनता, पार्टी कार्यकर्ताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिक प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या उपस्थित रही।
लोगों ने श्री अग्रवाल को “जनता के सच्चे सिपाही” के रूप में याद किया।
सभा में उपस्थित कई लोगों की आंखें नम थीं, जब मुख्यमंत्री साय ने पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।
📜 जीवन परिचय और योगदान
स्वर्गीय श्री बनवारी लाल अग्रवाल ने अपने राजनीतिक जीवन में तीन दशक से अधिक समय तक जनता की सेवा की।
उन्होंने विधानसभा के उपाध्यक्ष, विधायक और समिति अध्यक्ष के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके नेतृत्व में कई जनकल्याण योजनाओं को दिशा मिली।
वे सदैव छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान, ग्रामीण विकास और शिक्षा प्रसार के लिए समर्पित रहे।
🌾 जनकल्याण के प्रति समर्पण
श्री अग्रवाल का विशेष ध्यान ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण पर था।
उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया कि विकास तभी संभव है जब जनता की भागीदारी और पारदर्शिता बनी रहे।
उनकी नीति थी — “सत्ता नहीं, सेवा ही असली पहचान है।”
🕯️ श्रद्धांजलि संदेश पूरे प्रदेश से
राज्यपाल, विधानसभा अध्यक्ष, मंत्रिमंडल के सदस्यों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी स्वर्गीय श्री अग्रवाल के निधन पर शोक व्यक्त किया है।
सभी ने कहा कि उनका जाना छत्तीसगढ़ की राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।
🕊️ मुख्यमंत्री का निष्कर्ष संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा —
“स्वर्गीय अग्रवाल जी की निष्ठा, कार्यशीलता और जनसेवा भावना सदैव हमें प्रेरित करेगी।
उनके आदर्शों से सीखकर हम प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लेते हैं।”






