राज्यपाल श्री डेका और शिक्षा मंत्री श्री यादव की सौजन्य भेंट में नई शिक्षा नीति, डिजिटल लर्निंग और गुणवत्ता सुधार पर विस्तृत चर्चा हुई।
रायपुर। राज्यपाल श्री बिस्वभूषण हरिचंदन डेका से स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने आज राजभवन में सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर दोनों के बीच राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विद्यालयों के अधोसंरचना विकास पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री श्री यादव ने राज्यपाल को विभागीय गतिविधियों की जानकारी दी और शिक्षा सुधारों से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सुझाव मांगे।
🎓 शिक्षा की गुणवत्ता सुधार पर केंद्रित चर्चा
मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने राज्यपाल श्री डेका को बताया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शिक्षा के स्तर में समानता लाने के लिए विशेष रणनीति पर काम किया जा रहा है।
सरकार ने “नवा छत्तीसगढ़ शिक्षा दृष्टि 2030” के तहत कई योजनाएँ शुरू की हैं, जिनसे विद्यार्थियों के समग्र विकास पर जोर दिया गया है।
राज्यपाल श्री डेका ने कहा —
“शिक्षा समाज की प्रगति की नींव है। विद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र नहीं, बल्कि मूल्य निर्माण के स्रोत भी हैं।”
उन्होंने शिक्षकों के सतत प्रशिक्षण, डिजिटल लर्निंग और विद्यार्थियों में नवाचार भावना को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
🏫 विद्यालयों की अधोसंरचना पर विशेष ध्यान
मंत्री श्री यादव ने बताया कि प्रदेश के दूरस्थ अंचलों में नए स्कूल भवनों, प्रयोगशालाओं और पुस्तकालयों के निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में हर पंचायत में आधुनिक शिक्षण सुविधा उपलब्ध हो।
राज्यपाल ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों का सशक्त बुनियादी ढाँचा बच्चों के भविष्य को दिशा देता है।
💻 डिजिटल एजुकेशन को मिला बढ़ावा
बैठक में ई-क्लासरूम, स्मार्ट लर्निंग सिस्टम और डिजिटल लाइब्रेरी की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
मंत्री यादव ने बताया कि राज्य के कई सरकारी स्कूलों में अब डिजिटल शिक्षा को अपनाया जा चुका है, जिससे छात्र नई तकनीकों से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि “डिजिटल एजुकेशन” ग्रामीण बच्चों को भी बड़े शहरों के विद्यार्थियों जैसी सुविधा दे रहा है।
राज्यपाल श्री डेका ने सुझाव दिया कि छात्रों की डिजिटल साक्षरता को बढ़ाने के लिए स्थानीय भाषाओं में सामग्री तैयार की जाए, ताकि सीखने की प्रक्रिया सहज और प्रभावी बने।
👩🏫 शिक्षकों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर जोर
मंत्री श्री यादव ने राज्यपाल को बताया कि सरकार ने शिक्षकों के लिए वार्षिक प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया है।
इसमें शिक्षण तकनीक, बाल मनोविज्ञान, मूल्य शिक्षा और नेतृत्व कौशल को शामिल किया गया है।
राज्यपाल ने कहा कि “शिक्षक समाज का आधार स्तंभ हैं, और उनके ज्ञान तथा संवेदनशीलता से ही शिक्षा प्रणाली सशक्त बनती है।”
🌱 बालिका शिक्षा और समावेशी शिक्षा पर चर्चा
बैठक के दौरान बालिका शिक्षा और वंचित वर्गों के बच्चों की शिक्षा पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मंत्री श्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार की “बालिका शक्ति योजना” के तहत बेटियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण की सुविधाएँ दी जा रही हैं।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि स्कूलों में लिंग समानता और आत्मरक्षा प्रशिक्षण पर भी विशेष बल दिया जाए, ताकि छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़े।
🧑🎓 नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, विद्यार्थियों को केवल परीक्षा केंद्रित नहीं बल्कि व्यावहारिक और रोजगारमुखी शिक्षा की दिशा में ले जाती है।
मंत्री श्री यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ में इस नीति के तहत फाउंडेशनल लर्निंग, कोडिंग एजुकेशन, लोकल लैंग्वेज लर्निंग और स्कूल-बेसेड असेसमेंट सिस्टम लागू किए जा रहे हैं।
राज्यपाल ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह नीति विद्यार्थियों में आत्मनिर्भरता और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देगी।
🏛️ राज्यपाल ने शिक्षा विभाग की पहल की सराहना की
राज्यपाल श्री डेका ने स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ शिक्षा सुधारों में लगातार प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि चरित्र निर्माण, समाज सेवा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को भी शिक्षा का हिस्सा बनाना चाहिए।
“छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो अवसर और दिशा देने की।”
— राज्यपाल श्री डेका
🤝 मंत्री यादव ने राज्यपाल को दी राज्योत्सव की जानकारी
मंत्री श्री यादव ने राज्यपाल को राज्योत्सव रजत जयंती वर्ष 2025 के कार्यक्रमों की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि इस अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित प्रदर्शनी में छात्रों की नवाचार परियोजनाएँ, ई-लर्निंग मॉडल और विज्ञान प्रयोग प्रदर्शित किए गए हैं।
राज्यपाल ने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों में सृजनात्मक सोच को प्रोत्साहित करते हैं।
🗣️ भविष्य की दिशा — शिक्षा में नवाचार का दशक
बैठक के अंत में राज्यपाल और शिक्षा मंत्री ने इस बात पर सहमति जताई कि अगले दशक को “शिक्षा नवाचार दशक” के रूप में देखा जाना चाहिए।
मंत्री यादव ने कहा कि शिक्षा के हर स्तर पर तकनीक, पारंपरिक मूल्यों और जीवन कौशल को जोड़ना समय की मांग है।
राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुलभ शिक्षा का मॉडल राज्य बनेगा।






