छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025 में नवाचार, निवेश और उद्यमिता की नई दिशा—मुख्यमंत्री साय बोले, हर युवा विचार बने अवसर, राज्य बने स्टार्टअप केंद्र।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को शुरू हुए “छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025” ने प्रदेश में नवाचार, तकनीक और निवेश के नए युग का आगाज़ कर दिया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महाआयोजन का शुभारंभ करते हुए कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर युवा विचार को अवसर में बदलना है, ताकि छत्तीसगढ़ भारत के अग्रणी स्टार्टअप राज्यों में शामिल हो सके।
💡 नवाचार और तकनीक से बदलेगा छत्तीसगढ़ का भविष्य
मुख्यमंत्री साय ने कहा —
“छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज या कृषि राज्य नहीं, बल्कि तकनीक, नवाचार और उद्यमिता का उभरता केंद्र है। हमारा उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच देना है, जहाँ उनके विचार सिर्फ योजना न रह जाएँ, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं में बदलें।”
उन्होंने बताया कि सरकार ने “स्टार्टअप छत्तीसगढ़ 2.0” नीति के तहत निवेशकों, उद्योगपतियों और नवोदित उद्यमियों के लिए एकल खिड़की सुविधा विकसित की है, जिससे रजिस्ट्रेशन, फंडिंग और मार्गदर्शन सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
🚀 “छत्तीसगढ़ टेकस्टार्ट 2025” — एक मंच, अनेक संभावनाएँ
इस आयोजन में देश-विदेश के 500 से अधिक स्टार्टअप्स और लगभग 200 निवेशक कंपनियाँ शामिल हुईं।
कार्यक्रम में फिनटेक, एग्रीटेक, हेल्थटेक, ग्रीन एनर्जी, एआई, रोबोटिक्स और एडु-टेक जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य में इनोवेशन इकोसिस्टम बनाने के लिए सरकार ने विश्वविद्यालयों, निजी उद्योगों और रिसर्च संस्थानों के बीच साझेदारी की शुरुआत की है।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन युवाओं के लिए “आइडिया से एम्पायर” तक का रास्ता खोलता है।
🧠 युवाओं के लिए नवाचार हब की घोषणा
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और जगदलपुर में जल्द ही “इनnovation and Technology Hubs” स्थापित किए जाएंगे।
इन हब्स में छात्रों और स्टार्टअप्स को मेंटोरिंग, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, फंडिंग कनेक्शन और बिजनेस मॉडलिंग की सुविधाएँ मिलेंगी।
“हमारा सपना है कि हर कॉलेज से एक स्टार्टअप निकले, और हर जिले से एक इनोवेटिव प्रोडक्ट।”
— मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय
💼 निवेशकों के लिए खुला सुनहरा बाजार
टेकस्टार्ट 2025 में निवेशकों की भारी भागीदारी देखने को मिली।
भारत इनोवेशन फंड, सीडविंग कैपिटल, आइडिया इंडिया वेंचर्स, और छत्तीसगढ़ एंजल नेटवर्क जैसी कंपनियों ने राज्य में निवेश रुचि दिखाई।
कई निवेशकों ने स्थानीय स्टार्टअप्स के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
सरकार ने बताया कि अब तक ₹350 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जो आने वाले वर्षों में रोजगार सृजन में अहम भूमिका निभाएँगे।
🧑💻 स्टार्टअप्स की सफलता की कहानियाँ बनी प्रेरणा
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कई सफल स्टार्टअप्स ने अपनी यात्रा साझा की —
- “कृषि मित्र एग्रीटेक” ने किसानों को ड्रोन-आधारित खेती और मौसम विश्लेषण से जोड़ने की पहल की।
- “ग्रामोइनोवेशन” ने ग्रामीण युवाओं को डिजिटल कौशल सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया।
- “ग्रीन फ्लो एनर्जी” ने बायो-वेस्ट से बिजली बनाने का मॉडल प्रस्तुत किया।
इन नवाचारों को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा —
“यह केवल स्टार्टअप नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में ठोस कदम हैं।”
🌐 टेक फेयर और प्रदर्शनियों में दिखी नवाचार की झलक
आयोजन स्थल पर लगे टेक फेयर और स्टार्टअप प्रदर्शनी में छात्रों, शोधकर्ताओं और उद्यमियों ने अपने इनोवेटिव मॉडल प्रस्तुत किए।
दर्शकों ने एआई-आधारित स्वास्थ्य जांच उपकरण, सौर ऊर्जा पर आधारित स्मार्ट होम सिस्टम, और रोबोटिक असिस्टेंस डिवाइस जैसी तकनीकों का अनुभव किया।
राज्य सरकार के आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग द्वारा स्थापित “नवा इनोवेशन जोन” में 100 से अधिक युवा स्टार्टअप्स को अपनी परियोजनाएँ प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
🏛️ सरकार का फोकस — नवाचार से रोजगार तक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की नीति “इनोवेशन टू एम्प्लॉयमेंट” पर आधारित है।
हर नए स्टार्टअप से उम्मीद की जा रही है कि वह स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन में योगदान देगा।
उन्होंने कहा कि आने वाले दो वर्षों में सरकार का लक्ष्य है —
- 5000 से अधिक स्टार्टअप्स का गठन
- 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार
- 50 जिलों में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन हब्स की स्थापना
🌱 महिला उद्यमियों के लिए विशेष प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि “महिला टेकस्टार्ट इनिशिएटिव” के तहत राज्य की महिला उद्यमियों को 10 लाख रुपये तक की सीड फंडिंग और बिजनेस ट्रेनिंग दी जाएगी।
उन्होंने कहा —
“छत्तीसगढ़ की महतारियाँ अब केवल परिवार की नहीं, बल्कि राज्य की आर्थिक ताकत हैं।”
🧩 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दिशा में कदम
टेकस्टार्ट 2025 के दौरान सिंगापुर, जर्मनी, जापान और अमेरिका के निवेशकों ने भी वर्चुअल माध्यम से भाग लिया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय इनोवेशन साझेदारी को बढ़ाने के लिए छत्तीसगढ़ को एक “ग्लोबल स्टार्टअप डेस्टिनेशन” के रूप में विकसित किया जाएगा।
🗣️ समापन समारोह में मुख्यमंत्री साय का संदेश
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने समापन संबोधन में कहा —
“छत्तीसगढ़ का युवा अब सिर्फ नौकरी ढूँढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है।
सरकार हर विचार को प्रोत्साहन देगी, जो समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान दे सके।”
उन्होंने कहा कि टेकस्टार्ट 2025 केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य के भारत की दिशा तय करने वाला आंदोलन है।
🌟 छत्तीसगढ़ — नवाचार का उभरता केंद्र
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि छत्तीसगढ़ में न केवल संसाधन, बल्कि प्रतिभा और तकनीकी दृष्टि भी प्रचुर मात्रा में है।
राज्य अब “स्टार्टअप से स्टैंडअप” की दिशा में अग्रसर है, जहाँ हर युवा का सपना एक साकार पहल में बदल सकता है।






