प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मुलाकात कर प्रशिक्षण अनुभव साझा किए और राज्य की सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल क्षेत्र व आधुनिक पुलिसिंग पर चर्चा की।
रायपुर । रायपुर में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों के एक दल ने सौजन्य मुलाकात की। यह मुलाकात न केवल औपचारिक शिष्टाचार का हिस्सा थी, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था, नक्सल चुनौती, प्रशासनिक प्रणाली और आधुनिक पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं पर उपयोगी संवाद का भी अवसर बनी।
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस मुलाकात में अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान मिले अनुभव, प्रदेश की सुरक्षा चुनौतियों और नवाचारों पर आधारित पुलिसिंग की संभावनाओं पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में सेवा देते हुए उन्हें चुनौतियों के साथ-साथ जनसेवा के अनेक अवसर मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने दी प्रेरणा, कहा— पुलिसिंग में जनसंपर्क ही सबसे बड़ा हथियार
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक दौर की पुलिसिंग केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनविश्वास पर आधारित है। उन्होंने कहा—
“पुलिस अधिकारियों के लिए जनसंपर्क सबसे बड़ा हथियार है। जनता के बीच भरोसा बनाने से अपराध नियंत्रण और शांति स्थापना का कार्य अधिक प्रभावी हो जाता है।”
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने, तकनीकी सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नवाचारों पर ध्यान देने की सलाह दी।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कार्य के अनुभव पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान प्रशिक्षु अधिकारियों ने बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपने फील्ड अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि इन इलाकों में सुरक्षा बलों द्वारा किए जा रहे विकासोन्मुखी कार्यों से आम नागरिकों का पुलिस पर भरोसा बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि—
- नक्सल क्षेत्रों में काम करते समय संयम व सतर्कता दोनों आवश्यक
- स्थानीय संस्कृति और मूलभूत आवश्यकताओं को समझकर कार्य करना जरूरी
- सुरक्षा और विकास दोनों पर ध्यान देने की जरूरत
उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलवाद समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और युवा अधिकारी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रशिक्षण अनुभवों पर विस्तृत संवाद
अधिकारियों ने अपनी अकादमिक और फील्ड ट्रेनिंग के अनुभव साझा किए, जिनमें शामिल थे—
- आधुनिक तकनीक का उपयोग
- साइबर अपराध नियंत्रण
- कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम की कार्यप्रणाली
- सामुदायिक पुलिसिंग
- आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विविध भौगोलिक परिस्थितियाँ उन्हें व्यापक प्रशिक्षण अनुभव प्रदान कर रही हैं।
महिला सुरक्षा और साइबर अपराध पर भी हुई चर्चा
मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि राज्य सरकार महिला सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए कई पहल कर रही है। उन्होंने युवा अधिकारियों को साइबर अपराध जैसे नए चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने बताया कि—
- साइबर शिकायतों में वृद्धि हो रही है
- ऑनलाइन अपराधों के लिए तकनीकी दक्षता जरूरी है
- जागरूकता कार्यक्रमों से अपराध रोकथाम में मदद मिलती है
मुख्यमंत्री ने दिए प्रशासनिक सुझाव
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को अपने कर्तव्यों में पारदर्शिता, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि—
- पुलिस अधिकारी किसी भी समाज के लिए नैतिक शक्ति होते हैं
- निष्पक्ष कार्रवाई से ही जनता का भरोसा जीता जा सकता है
- कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन ईमानदारी एवं निष्ठा से करें, क्योंकि पुलिस सेवा में हर निर्णय समाज के बड़े वर्ग को प्रभावित करता है।
प्रदेश की युवा शक्ति को मजबूत बनाने में पुलिस की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ युवा राज्य है, और पुलिस व्यवस्था युवाओं को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान, ट्रैफिक शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस की भूमिका बढ़ाने पर बल दिया।
अधिकारियों ने दिया धन्यवाद
मुलाकात के अंत में प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह प्रेरणादायक संवाद उनके प्रशिक्षण और भविष्य की सेवाओं में मार्गदर्शन प्रदान करेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे राज्य की शांति, सुरक्षा और विकास में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभाएंगे।










