रायपुर में राज्यपाल विश्वभूषण डेका ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस आम जनता से संवेदनशीलता और सम्मान के साथ पेश आए, यही आधुनिक पुलिसिंग का मूल आधार है।
रायपुर। रायपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री विश्वभूषण डेका ने पुलिस अधिकारियों और कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में “संवेदनशीलता” सबसे आवश्यक गुण है। उन्होंने जोर दिया कि आम जनता के साथ संवाद, व्यवहार और सेवा में मानवीय दृष्टिकोण ही एक मजबूत, भरोसेमंद और सकारात्मक पुलिस-जनसंपर्क की नींव है।
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली एजेंसी नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा, विश्वास और न्याय की पहली कड़ी है। इसलिए पुलिस की भूमिका आज तकनीकी और रणनीतिक क्षमता के साथ-साथ मानवता आधारित व्यवहार पर भी निर्भर होती जा रही है।
“पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और संवाद बेहद जरूरी”
राज्यपाल श्री डेका ने स्पष्ट कहा कि जनता का भरोसा पुलिस की सबसे बड़ी पूंजी है। यदि पुलिस नागरिकों के साथ सम्मानजनक और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करेगी, तो अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
उन्होंने अधिकारियों से कहा—
- शिकायतकर्ता के प्रति सहानुभूति रखें
- हर केस में निष्पक्षता और पारदर्शिता बरतें
- जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से सुनें
- कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य न खोएँ
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस को यह समझना चाहिए कि नागरिक जब थानों तक पहुँचते हैं, तब वे पहले से ही तनावग्रस्त होते हैं। ऐसे में पुलिस का संवेदनशील व्यवहार पीड़ित व्यक्ति को भरोसा दिलाता है।
साइबर अपराध, महिला सुरक्षा और नशा नियंत्रण पर विशेष जोर
अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि आज पुलिस को पारंपरिक अपराधों के साथ-साथ नई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा—
- साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए तकनीकी दक्षता अनिवार्य है
- महिला सुरक्षा पर सभी जिलों में विशेष योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होना चाहिए
- नशा नियंत्रण, विशेषकर युवाओं में फैल रही ड्रग समस्या पर पुलिस को सख्त और व्यवस्थित अभियान चलाना चाहिए
राज्यपाल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ाएँ, क्योंकि अपराध रोकथाम केवल कार्रवाई से नहीं, बल्कि शिक्षा और जानकारी से भी संभव होती है।
समुदाय आधारित पुलिसिंग पर राज्यपाल का विशेष फोकस
राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज के समय में “कम्युनिटी पुलिसिंग” छत्तीसगढ़ जैसे विविधतापूर्ण राज्य के लिए बेहद प्रभावी मॉडल हो सकता है।
उन्होंने माना कि—
- पुलिस यदि समाज के बीच भरोसा बनाएगी, तो नागरिक भी अपराध रोकथाम में सहयोग करेंगे
- सामुदायिक स्तर पर सुरक्षा समितियाँ अपराध नियंत्रण का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती हैं
- युवाओं, महिला समूहों और पंचायतों को जोड़ना अत्यंत उपयोगी कदम होगा
उन्होंने यह भी कहा कि सामुदायिक कार्यक्रमों में पुलिस की नियमित उपस्थिति लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करती है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस की चुनौती और जिम्मेदारी
राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिलों में पुलिस की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में काम करने वाले जवान और अधिकारी राज्य की शांति और विकास की असली नींव हैं।
उन्होंने कहा—
- नक्सल क्षेत्रों में पुलिस को सुरक्षा ही नहीं, बल्कि विश्वास भी स्थापित करना होगा
- आदिवासी समाज की समस्याओं और संवेदनशीलताओं को समझकर कार्य करना अधिक प्रभावी रहेगा
- विकास कार्यों में पुलिस का सहयोग क्षेत्र को स्थिरता प्रदान करेगा
राज्यपाल ने कहा कि नक्सलवाद के खत्म होने की प्रक्रिया में पुलिस की प्रतिबद्धता निर्णायक भूमिका निभाएगी।
पुलिस कर्मियों के तनाव और स्वास्थ्य पर भी दी सलाह
राज्यपाल ने कहा कि पुलिस duty काफी चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए बल के सदस्यों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान जरूरी है।
उन्होंने सुझाव दिया—
- नियमित काउंसलिंग
- तनाव प्रबंधन ट्रेनिंग
- फिटनेस कार्यक्रम
- कार्य-जीवन संतुलन को मजबूत करने वाली पहलें
उन्होंने कहा कि स्वस्थ पुलिस बल ही जनता को सुरक्षित वातावरण दे सकता है।
तकनीकी आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर बल
राज्यपाल ने आधुनिक तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल रिकॉर्ड और ई-गवर्नेंस आधारित पुलिसिंग को आगे बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत के दौर में पुलिस को भी तकनीक-केंद्रित मॉडल अपनाना चाहिए, जिससे—
- केसों की जांच तेज हो
- पारदर्शिता बढ़े
- ऑनलाइन शिकायत प्रणाली बेहतर हो
- अपराधियों की पहचान में तकनीकी सहायता मिले
अधिकारियों ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित पुलिस अधिकारियों ने राज्यपाल का धन्यवाद दिया और कहा कि उनके मार्गदर्शन और प्रेरक विचार पुलिस बल के लिए नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे नागरिकों के साथ संवेदनशील व्यवहार और बेहतर सेवा का संकल्प अपनाएंगे।










